Breaking News

Recent Posts

कविता @ शिव तेरे बिन…कविता

शिव तेरे बिन…शिव तेरे बिन जीवन में, जाने कैसा लगता है,पास तेरे आ जाने पर फिर,सब-कुछ अच्छा लगता है।शिव तेरे बिन ….ना मैं कुछ-भी लाया था, ना लेकर जा पाऊंगा,हां जो जीवन पाया है, उसमें सुर दे जाऊंगा।शिव तेरे बिन …..शिव भोले दो-दो अक्षर हैं, भेद नहीं इसमें कुछ-भी है,हम जिस भक्ति में डूबे हैं, उसके सुबह और शाम वही …

Read More »

कविता @ पिता ईश्वर का साया…

मॉं अमृत की छाया और पिता ईश्वर का साया,मॉं से ही है मायका पिता से चाहतों का जायका,मॉं से बुलंद हौसला पिता सीखाते लेना फैसला,मॉं देती है शिक्षा पिता पास कराते जीवन परीक्षा ।मॉं है सारी जमीन और पिता है पूरा आसमान,मॉं है खुश अंतर्मन और पिता है शक्तिशाली तन,मॉं इस दिल की है जान पिता से मिलती पहचान,मॉं प्रभु …

Read More »

लेख @ इंटरनेट युग में मानव साम्यता, उसका तकनीकी कौशल और मनोविज्ञान

गूगल हेड मटर में कैंपस के लोन की बढ़ी हुई घास काटने के लिए मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है बल्कि बकरियों को लोन में छोड़ देते हैं ताकि लोन की घास एक सीमा से अधिक नहीं बढ़ सके। ऐसा इस लिए किया जाता है क्योंकि घास काटने की मशीनों से कंपन होता है और उससे कंपनी के कर्मचारियों, …

Read More »