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अम्बिकापुर@प्लांटेशन की जमीन पर कब्जा पेड़ काटकर खेती का आरोप

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नानदमाली के दर्जनों ग्रामीण पहुंचे डीएफओ कार्यालय,जंगल बचाने और अतिक्रमण हटाने की मांग


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,15 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। दरिमा क्षेत्र के ग्राम पंचायत नानदमाली के जंगल में अतिक्रमण और पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथीबेड़ जंगल में वर्ष 1991-92 में लगाए गए सरकारी प्लांटेशन की जमीन पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर झोपडि़यां बना ली हैं। प्लांटेशन के पेड़ काटकर खेती की जा रही है और जंगल के आसपास की जमीन पर भी अवैध कब्जे का विस्तार किया जा रहा है। मामले को लेकर मंगलवार को दर्जनों ग्रामीण वनमंडलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने वनमंडलाधिकारी को सौंपे आवेदन में बताया कि नानदमाली ग्राम पंचायत के हाथीबेड़ जंगल में सरकारी प्लांटेशन लगाया गया था। आरोप है कि रतिराम लकड़ा, पिता स्व. लल्लू लकड़ा, ने वहां 2-3 झोपडि़यां बनाकर कब्जा कर लिया है। प्लांटेशन के पेड़ों को काटकर खेत तैयार करने के साथ आसपास के जंगल में भी पेड़ों की कटाई कर खेती किए जाने का आरोप लगाया गया है।
निस्तार की जमीन पर घेराबंदी, मवेशियों को चराने में परेशानी : ग्रामीणों के अनुसार जंगल की जिस जमीन का उपयोग गांववासी गाय,बैल,भैंस और बकरियां चराने तथा अन्य निस्तार कार्यों के लिए करते हैं, वहां भी खेती कर घेराबंदी कर दी गई है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने और मवेशियों को चराने के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मवेशियों को जंगल में ले जाने पर उनके साथ मारपीट कर भगाया जाता है।
पहले हटाया,फिर दोबारा कब्जा कैसे? ग्रामीणों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि पूर्व में ग्रामवासियों और उड़नदस्ता टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद दोबारा झोपडि़यां बनाकर जंगल काटने और खेती करने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य लोग भी जंगल की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर सकते हैं।
वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल : सरकारी प्लांटेशन की जमीन पर वर्षों से अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई के आरोप गंभीर हैं। सवाल यह है कि यदि पहले कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जा किया गया, तो वन विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां थी? क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई? ग्रामीणों ने वन विभाग से मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण की जांच,अवैध कटाई पर कार्रवाई और जंगल की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। आवेदन पर जसिंता पंच,अमिता पंच सहित नानदमाली के समस्त ग्रामवासियों के हस्ताक्षर किये हैं। अब देखना होगा कि वन विभाग ग्रामीणों की शिकायत पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और सरकारी प्लांटेशन को अतिक्रमण से बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


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