दीपों की इस रोशनी में अपने संकल्प की एक ज्योति जोड़ें और सशक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनें : सानूल हक
सूरजपुर में 1,11,111 दीप प्रज्वलित कर सेवा,समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संदेश देने की तैयारी
-संवाददाता-
सूरजपुर,15 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूरजपुर में आयोजित होने जा रहे सेवा संकल्प उत्सव को लेकर भारतीय कलाकार संघ के संरक्षक एवं चित्रकार सानूल हक ने जिलेवासियों से उत्साहपूर्वक सहभागी बनने की अपील की है, उन्होंने कहा कि दीपों की रोशनी केवल उत्सव का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक दीप सेवा, संकल्प और विकसित भारत के निर्माण में नागरिक भागीदारी का संदेश देगा।
सानूल हक ने कहा कि सूरजपुर में 1,11,111 दीप प्रज्वलित कर सेवा और संकल्प की ज्योति जगाई जाएगी, यह आयोजन प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी और विकसित भारत के सपने में अपनी भागीदारी व्यक्त करने का अवसर प्रदान करेगा, उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सूरजपुर का प्रत्येक नागरिक इस पहल को अपना आयोजन मानकर इसमें सहभागी बने और पूरे उत्साह के साथ अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे।
हर दीप में सेवा और संकल्प का संदेश– सानूल हक ने कहा कि दीप प्रज्वलन की परंपरा भारतीय संस्कृति में प्रकाश, सकारात्मकता और आशा का प्रतीक रही है, ऐसे में जब हजारों-लाखों दीप एक साथ प्रज्वलित होंगे तो यह दृश्य केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी का संदेश भी देगा, उन्होंने कहा कि हर घर,हर परिवार और हर नागरिक की भागीदारी से सेवा संकल्प उत्सव को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है, एक व्यक्ति का छोटा सा संकल्प जब सामूहिक भावना से जुड़ता है तो वह बड़े सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला बन सकता है,उनके अनुसार सेवा संकल्प उत्सव का उद्देश्य लोगों को केवल दीप प्रज्वलन से जोड़ना नहीं,बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराना भी है।
अपने संकल्प की एक ज्योति भी जोड़ें-सानूल हक ने जिलेवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि दीपों की इस रोशनी में प्रत्येक व्यक्ति अपने संकल्प की एक ज्योति भी जोड़े,उन्होंने कहा कि यह संकल्प किसी भी रूप में हो सकता है—समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का,जरूरतमंद की सहायता करने का,स्वच्छता में योगदान देने का,पर्यावरण संरक्षण का अथवा देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का,उनका कहना है कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है,उन्होंने कहा कि जब करोड़ों नागरिक अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हैं,तभी राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया जनआंदोलन का रूप लेती है।
विकसित भारत-2047 से जुड़ने का आह्वान-सानूल हक ने कहा कि विकसित भारत-2047 देश के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है,इस लक्ष्य को केवल सरकारी योजनाओं या नीतियों के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता, इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है,उन्होंने कहा कि देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है,उसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका है। विद्यार्थी,युवा,महिलाएं,किसान,श्रमिक, व्यापारी, कलाकार और सामाजिक संगठन—सभी अपनी क्षमता के अनुसार राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं, उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प उत्सव इसी सामूहिक भावना को अभिव्यक्त करने का माध्यम है।
जनभागीदारी से और मजबूत होगा राष्ट्र निर्माण का संकल्प-सानूल हक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जनभागीदारी की ताकत से और प्रबल किया जा सकता है, उन्होंने कहा कि जब कोई अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर समाज के प्रत्येक वर्ग का अभियान बन जाता है, तब उसकी पहुंच और प्रभाव दोनों व्यापक हो जाते हैं, उन्होंने सूरजपुर जिले के नागरिकों से अपील की कि वे इस आयोजन में केवल दर्शक के रूप में शामिल न हों, बल्कि सक्रिय सहभागी बनें, उन्होंने कहा कि एक दीप अपने आप में छोटा दिखाई दे सकता है,लेकिन जब हजारों-लाखों दीप एक साथ जलते हैं तो अंधकार को दूर करने वाली बड़ी रोशनी तैयार होती है, इसी प्रकार प्रत्येक नागरिक का छोटा योगदान विकसित और सशक्त भारत के बड़े संकल्प को मजबूती दे सकता है।
सूरजपुर बने जनभागीदारी की मिसाल- सानूल हक ने उम्मीद जताई कि सेवा संकल्प उत्सव में सूरजपुर जिले की जनता बढ़-चढ़कर भागीदारी करेगी और यह आयोजन जिले में जनभागीदारी की एक नई मिसाल कायम करेगा,उन्होंने कहा कि 1,11,111 दीपों का प्रज्वलन केवल संख्या नहीं, बल्कि हजारों परिवारों और नागरिकों के सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगा,उन्होंने जिलेवासियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इस पहल से जोड़ें तथा सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना को आगे बढ़ाएं।
दीप जलाएं,संकल्प जगाएं…
सानूल हक ने अंत में कहा कि दीपों की रोशनी में हम सभी अपने भीतर भी एक ऐसी ज्योति प्रज्वलित करें,जो सेवा, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को लगातार जीवित रखे, उन्होंने कहा दीपों की इस रोशनी में अपने संकल्प की एक ज्योति जोड़ें और विकसित, समृद्ध एवं सशक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनें, गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ सहित जनभागीदारी आधारित विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा बनाई गई है।
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