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नई दिल्ली@आतंकी मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम…भारत ने पाकिस्तान को घेरा…‘खोखली घोषणाओं’ से नहीं चलेगा काम

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नई दिल्ली,15 सितम्बर 2026। जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान की नई घोषणा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान ने अजहर की गिरफ्तारी या उसे सजा दिलाने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम बरकरार रखा है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे महज दिखावटी कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश की ऐसी घोषणाओं की हकीकत सभी जानते हैं और इनसे किसी ठोस नतीजे की उम्मीद नहीं की जा सकती। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लोगों को गुमराह करने वाली ऐसी चालें कोई नई बात नहीं हैं। भारत पहले भी इस तरह की घोषणाएं देख चुका है। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को ऐसी खोखली घोषणाएं करने के बजाय आतंकवादी संगठन के प्रमुख के खिलाफ वास्तविक और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर मसूद अजहर को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है।
फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की रेड बुक में अजहर का नाम : पाकिस्तान ने मसूद अजहर का नाम फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसीकी सबसे वांछित आतंकवादियों की ‘रेड बुक’ में बरकरार रखा है। 2026 के संस्करण में 1,804 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में अजहर 1480वें स्थान पर है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की एंट्री में उसे जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख बताया गया है और ऐसी सूचना देने पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये तक के इनाम का उल्लेख है, जिससे उसकी गिरफ्तारी या सजा सुनिश्चित हो सके। उसके खिलाफ पाकिस्तान के आतंकवाद-रोधी कानून के तहत गुजरांवाला, मुल्तान और लाहौर में मामले दर्ज बताए गए हैं।
भारत को अजहर की तलाश
मसूद अजहर भारत में कई आतंकी मामलों में वांछित है। भारत ने जैश-ए-मोहम्मद को 2001 संसद हमले, 2016 पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 पुलवामा आतंकी हमले से जोड़ा है। 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान से जिन भगोड़ों को सौंपने की मांग की थी, उनमें अजहर भी शामिल था। पाकिस्तान का दावा है कि अजहर अफगानिस्तान भाग गया था, लेकिन तालिबान सरकार ने इस दावे को खारिज किया है।
बैठक से पहले पाकिस्तान के कदम पर उठे सवाल
मसूद अजहर को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब 26 से 30 अक्टूबर तक पेरिस में स्न्रभ्स्न की अगली प्लेनरी बैठक प्रस्तावित है। पाकिस्तान 2018 से 2022 तक स्न्रभ्स्न की बढ़ी हुई निगरानी सूची यानी ग्रे लिस्ट में रहा था। आतंकवाद की फंडिंग रोकने, मनी लॉन्डि्रंग व्यवस्था मजबूत करने और लक्षित वित्तीय प्रतिबंधों से जुड़े एक्शन प्लान पर प्रतिबद्धताएं पूरी करने के बाद उसे ग्रे लिस्ट से बाहर किया गया था। ऐसे में अजहर को लेकर पाकिस्तान के ताजा कदम पर भारत की नजर खास तौर पर बनी हुई है।


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