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कोरबा/हरदी बाजार@ 1200 किमी की पदयात्रा पूरी कर कोरबा लौटे दो युवा

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जंगल बचाओ अभियान को मिला जनसमर्थन
दिल्ली तक पहुंचाई हसदेव अरण्य और आदिवासी अधिकारों की आवाज, हरदी बाजार व बिलासपुर में हुआ भव्य स्वागत
कोरबा/हरदी बाजार,२9 जुलाई 20२6।
हसदेव अरण्य के संरक्षण, जल–जंगल–जमीन और आदिवासी अधिकारों के समर्थन में 1200 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर कोरबा जिले के दो युवा राजकमल यादव और चंद्रशेखर पांडे मंगलवार को अपने गृह क्षेत्र हरदी बाजार लौटे। उनके स्वागत में हरदी बाजार और बिलासपुर में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं एवं जयघोष के साथ अभिनंदन किया। क्षेत्रवासियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और जनअधिकारों के लिए युवाओं के समर्पण का प्रतीक बताया।
दोनों युवाओं ने 30 जून 2026 को कटघोरा क्षेत्र के सरईसिंगार (हरदी बाजार) से जंगल, जीव और जन-अधिकार पदयात्रा की शुरुआत की थी। करीब 21 दिनों तक लगातार पैदल चलते हुए उन्होंने लगभग 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर 20 जुलाई को नई दिल्ली पहुंचकर अपना अभियान पूरा किया। यात्रा के दौरान उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, हसदेव अरण्य बचाने और आदिवासी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाएंगे छत्तीसगढ़ के मुद्दे
पदयात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निजी सलाहकार से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ से जुड़े जनसरोकारों पर चर्चा की। पदयात्रा प्रतिनिधियों के अनुसार राहुल गांधी से औपचारिक मुलाकात की प्रक्रिया जारी है और कांग्रेस कार्यालय द्वारा शीघ्र ही इसकी तिथि तय की जाएगी। प्रस्तावित मुलाकात में हसदेव अरण्य संरक्षण, वन अधिकार, पर्यावरण सुरक्षा और स्थानीय समुदायों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से रखे जाएंगे।
सरकार के सामने रखीं पांच प्रमुख मांगें
पदयात्रा के माध्यम से प्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें हसदेव अरण्य सहित छत्तीसगढ़ के वनों का संरक्षण, वन्यजीव एवं जैव विविधता की सुरक्षा, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, जल–जंगल–जमीन के प्रबंधन में ग्राम सभाओं की प्रभावी भागीदारी तथा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर रोक लगाकर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग शामिल है।
जंगल भविष्य की विरासत हैं
राजकमल यादव ने कहा कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि संस्कृति, आजीविका और आने वाली पीढç¸यों के भविष्य का आधार हैं। वहीं चंद्रशेखर पांडे ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन आवश्यक है तथा प्रकृति संरक्षण से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की जरूरत है।
हरदी बाजार और बिलासपुर में जोरदार स्वागत
दिल्ली से लौटने पर हरदी बाजार और बिलासपुर में दोनों युवाओं का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। लोगों ने दोनों युवाओं के अभियान को जनहित और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
जनभागीदारी का आह्वान
पदयात्रा प्रतिनिधियों ने प्रदेशवासियों से अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं और जनहित के मुद्दों को साझा करने की अपील की। उनका कहना है कि यह अभियान केवल दो व्यक्तियों की यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता की सामूहिक आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास है। जल-जंगल-जमीन की रक्षा के संकल्प के साथ निकली यह 1200 किलोमीटर की पदयात्रा अब प्रदेश के पर्यावरण एवं जनअधिकार आंदोलन की एक महत्वपूर्ण पहचान बनती जा रही है।


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