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अम्बिकापुर@ 17 सितंबर से कतराज भवन में बहेगी भागवत भक्ति की गंगा

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आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कृष्ण जन्मोत्सव,गोवर्धन पूजा,छप्पन भोग और रुक्मिणी विवाह होंगे विशेष आकर्षण
कथा व्यास आचार्य राम जी मिश्र सुनाएंगे भागवत महापुराण की अमृतकथा,24 सितंबर को हवन-पूर्णाहुति और महाप्रसाद

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,12 सितम्बर 202६ (घटती-घटना)।
शहर के कतराज मार्ग स्थित कतराज भवन में 17 सितंबर से आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ होने जा रहा है। कतराज परिवार की ओर से आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धा,भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संगम देखने को मिलेगा। 17 से 24 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में कथा व्यास आचार्य राम जी मिश्र (ज्योतिषाचार्य), जिला रीवा (मध्यप्रदेश) श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपूर्ण वर्णन करेंगे। आयोजकों के अनुसार श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा श्रवण का अवसर नहीं,बल्कि दैहिक, दैविक एवं भौतिक तापों के शमन का माध्यम भी है। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं, भक्तों के चरित्र और धर्म के संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति,संस्कार और सदाचार अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
सुबह मूल पाठ, शाम को कथा और झांकियां : कथा आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रीमद्भागवत मूल पाठ होगा। वहीं शाम 3 बजे से7 बजे तक कथा प्रवचन एवं धार्मिक झांकियों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण तैयार किया जा रहा है।
कलश यात्रा से होगा शुभारंभ : 17 सितंबर को प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा, मंडप पूजन,भगवान महात्म्य,भक्ति-नारद संवाद एवं धुंधकारी मोक्ष कथा के साथ आयोजन का शुभारंभ होगा। 18 सितंबर को राजा परीक्षित कथा,वराह अवतार एवं ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाया जाएगा। 19 सितंबर को जड़भरत चरित्र, नृसिंह अवतार एवं वामन अवतार कथा के प्रमुख केंद्र में रहेंगे।
20 सितंबर को राम जन्म और कृष्ण जन्मोत्सव : भागवत कथा के दौरान 20 सितंबर का दिन विशेष रहेगा। इस दिन श्रीराम जन्म एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव (नंदोत्सव) मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग को लेकर विशेष झांकी और उत्सव का आयोजन होगा। इसके बाद 21 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं,गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग उत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। 22 सितंबर को महारास लीला, कंस वध एवं श्री रुक्मिणी विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
सुदामा चरित्र से पूर्णाहुति तक आध्यात्मिक संदेश : 23 सितंबर को सुदामा चरित्र,परीक्षित मोक्ष,कथा विश्राम एवं व्यास पूजन होगा। वहीं 24 सितंबर को पूर्णाहुति, विशाल हवन एवं महाप्रसाद (भंडारा) के साथ आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा।
कतराज परिवार के सदस्य संभाल रहे आयोजन की जिम्मेदारी : श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आयोजन में जगदीश सिंह-मंजू सिंह,राजेश सिंह-अनिमा सिंह,संजय सिंह-सत्या सिंह,सतेंद्र सिंह-कामना सिंह,किशोर सिंह-कुसुम सिंह,अरुण सिंह-प्रेमा सिंह तथा किरण सिंह-पूजा सिंह सहित कतराज परिवार के सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। आयोजन की ओर से विनीत के रूप में श्रीमती उषा देवी सिंह एवं श्रीमती अन्नपूर्णा देवी सिंह ने श्रद्धालुओं से सहपरिवार कथा में पहुंचने और भागवत कथा का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया है। वहीं दर्शनाभिलाषी/विनीत—समस्त बघेल परिवार, गुदरी बाजार,अंधेरी बगीचा की ओर से भी श्रद्धालुओं को इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
भागवत कथा के बहाने संस्कार और भक्ति का संदेश : आयोजक परिवार का कहना है कि वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का महत्व और बढ़ गया है। श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य को भक्ति के साथ जीवन के मूल संस्कारों और कर्तव्यों का बोध कराता है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से लेकर भक्तों के चरित्र तक प्रत्येक प्रसंग जीवन को नई दिशा देने वाला है। कतराज परिवार ने अंबिकापुर एवं आसपास के श्रद्धालुओं से सहपरिवार कथा स्थल पहुंचकर भागवत कथा का श्रवण करने और इस आध्यात्मिक आयोजन के सहभागी बनने की अपील की है।


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