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राज्यसभा की पिचकारी और परंपरा का गुलाल!

जनता का सवाल,होली के रंग में डूबी जनता पूछ रही है… क्या राज्यसभा की सीटें भी रंग एक्सचेंज ऑफर में चलती हैं? क्या छत्तीसगढ़ में स्थानीय नेताओं की कमी है? या फिर यह राष्ट्रीय रणनीति का सुपरफास्ट संस्करण है? (घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य) होली आई नहीं कि सियासत में रंग घुल गया,इस बार रंग थोड़ा खास है, सीधा रायपुर से …

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कोरिया सिमटा… अब संभाग में खिलेगा या नाम में घुलेगा?

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)। होली है! रंग उड़ रहे हैं,पिचकारियाँ चल रही हैं,और राजनीतिक गलियारों में नया गुलाल घुल रहा है-कोरिया को संभाग बनाओ! पर जनता पूछ रही है-पहले जो था, उसे क्यों तोड़ा? और जवाब आता है- विकास के लिए! अब वही जनता फिर पूछ रही है-अब जो टूटा है,उसे बड़ा करने का नया फॉर्मूला क्या है?कोरियाः पहले जिला, फिर …

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‘सबका विकास’ या ‘नेताओं का सुपरफास्ट विकास?’रंग जनता के गाल पर… मलाई सत्ता के थाल पर!

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)।होली है! ढोल बज रहे हैं…गुलाल उड़ रहा है…और राजनीति में फिर वही पुराना नारा-सबका साथ,सबका विकास! जनता पूछ रही है-भाई,विकास कहाँ है? जवाब आता है-रुको…अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखेगा!विकास का ‘व्हीआईपी कलर पैक’गांव की टूटी सड़क पूछ रही है-मेरा रंग कब चढ़ेगा? अस्पताल का खाली वार्ड कह रहा है-मेरे लिए भी कोई गुलाल बचा है? युवा …

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