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लेख@ बेचारा रावण

दशहरे की शाम थी। मैं अपनी पत्नी तथा छोटी पोती कशिश के साथ पुराने आई.टी.आई. ग्राउफंड में रावण,कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतले जलने के उत्सव को देखने गया था। पहले श्री रामचन्द्र तथा रावण में, लक्ष्मण तथा मेघनाथ में तथा पिफर कुंभकर्ण में युद्ध होता हुआ दिखाया गया जिसमें रावण, कुंभकर्ण तथा मेघनाथ की मृत्यु के बाद उनके पुतले जल …

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लेख@ जलते हैं केवल पुतले,रावण बढ़ते जा रहे?

दशहरे पर रावण का दहन एक ट्रेंड बन गया है। लोग इससे सबक नहीं लेते। रावण दहन की संख्या बढ़ाने से किसी तरह का फायदा नहीं होगा। लोग इसे मनोरंजन के साधन के तौर पर लेने लगे हैं। हमें अपने धार्मिक पुराणों से प्रेरणा लेनी चाहिए। रावण दहन के साथ दुर्गुणों को त्यागना चाहिए। रावण दहन दिखाने का अर्थ बुराइयों …

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