62 को नोटिस,लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन
दुर्ग,25 जून 2026। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुई दर्दनाक अग्नि दुर्घटना के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। दुर्ग,बिलासपुर और रायपुर जैसे प्रमुख शहरों में पुलिस, एसडीआरएफ और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने छापेमारी कर संस्थानों की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जो तथ्य सामने आए,वे चौंकाने वाले हैं। जांच में अधिकांश सेंटरों में फायर सेफ्टी उपकरणों का अभाव, आपातकालीन निकास द्वारों की कमी और बिल्डिंग परमिशन से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रशासन की इस कठोर कार्रवाई ने कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा दिया है।
दुर्ग में 62 सेंटरों को नोटिस
कई प्रमुख संस्थान सील
दुर्ग जिले के भिलाई स्थित न्यू सिविक सेंटर, जहाँ 100 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं, वहां पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच में यह पाया गया कि सुरक्षा मानकों का पालन करने में एक भी संस्थान पूर्णतः सक्षम नहीं था। नियमों की गंभीर अनदेखी के चलते रामा कोचिंग, कैड एकेडमी, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को प्रशासन ने तत्काल सील कर दिया। वहीं,अन्य 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर सुरक्षा
व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया गया है। गौरतलब है कि कई सेंटरों में आग बुझाने वाले उपकरण एक्सपायर हो चुके थे और भवन के भीतर से बाहर निकलने का केवल एक ही संकरा रास्ता था, जो किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की जान जोखिम में डाल सकता है।
बिलासपुर और रायपुर में भी कड़ा निरीक्षण अभियान
बिलासपुर में भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए छह कोचिंग संस्थानों की जांच की, जिनमें से पांच में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं मिले। नियमों का घोर उल्लंघन पाए जाने पर ‘उड़ान एकेडमी’ को तुरंत सील कर दिया गया। उधर, रायपुर में भी प्रशासन की टीम ने अनअकैडमी, विद्यापीठ और एलन जैसे बड़े संस्थानों का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। हालांकि, अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी में फायर एनओसी और आपातकालीन निकास से जुड़ी कमियां मिलने पर उन्हें नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन
की चिंता और भविष्य की राह
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा के नाम पर छात्रों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कई स्थानों पर तो जगह इतनी कम थी कि सीढि़यां बेहद पतली बनी हुई थीं, जहाँ से एक बार में एक ही छात्र गुजर सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संस्थानों ने अग्नि सुरक्षा मानकों और भवन अनुमतियों की कमियों को दूर नहीं किया, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संस्थानों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को एक सुरक्षित वातावरण मिल सके और भविष्य में लखनऊ जैसी किसी भी त्रासदी को टाला जा सके।
फायर एक्सि्टंग्विशर एक्सपायर मिले…
कहीं फायर एक्सि्टंग्विशर एक्सपायर मिले तो कहीं उन्हें सही तरीके से लगाया ही नहीं गया था। टीम ने कोचिंग सेंटर्स में इमरजेंसी एग्जिट की भी जांच की, लेकिन किसी भी संस्थान में बाहर निकलने का दूसरा रास्ता नहीं मिला। कई जगह बिल्डिंग के भीतर आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था।
पतली गली में बनी सीढि़यां,इमरजेंसी में कूदना ही ऑप्शन
इसके अलावा कुछ सेंटर्स में स्टूडेंट्स की संख्या के मुकाबले जगह भी बेहद कम पाई गईं। कई ऐसे कोचिंग भी मिले जहां इतनी पतली सीढि़यां बनी थी कि वहां से एक बार में एक ही स्टूडेंट्स चढ़ सकता है। अगर कभी इस तरह की अनहोनी यहां होती है तो छात्रों को उंची बिल्डिंग से कूदना ही एकमात्र विकल्प बचेगा।
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