Breaking News

अम्बिकापुर@फायर सेफ्टी ऑडिट में 24 कोचिंग व हॉस्टल फेल,एक सप्ताह का अल्टीमेटम

Share


फायर सिस्टम,इमरजेंसी एग्जिट और चौड़े प्रवेश मार्ग बनाने के निर्देश,दोबारा जांच में कमी मिली तो होगी तालाबंदी

अम्बिकापुर,25 जून 2026 (घटती-घटना)। शहर में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों की फायर सेफ्टी व्यवस्था जांच में गंभीर रूप से लापरवाह मिली है। दमकल विभाग की ओर से पिछले दो दिनों से चलाए जा रहे विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान 24 निजी कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और कमियां बरकरार मिलने पर संबंधित संस्थानों में तालाबंदी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेशभर में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों और अन्य भीड़भाड़ वाले भवनों में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अंबिकापुर में दमकल विभाग की टीम ने विभिन्न निजी कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन यंत्र या तो पर्याप्त संख्या में नहीं मिले या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई जगह फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) और फायर फाइटिंग सिस्टम का अभाव पाया गया। कुछ भवनों में प्रवेश मार्ग और सीढिय़ां इतनी संकरी मिलीं कि आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षित निकासी मुश्किल हो सकती है। कई स्थानों पर निकास मार्गों पर सामान रखा होने से भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया।
मॉक ड्रिल कराने की सलाह : दमकल विभाग ने सभी संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरण स्थापित करने,उन्हें चालू स्थिति में रखने तथा भवनों के प्रवेश मार्ग और सीढिय़ों की चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी संस्थानों को आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी की योजना तैयार करने और नियमित मॉक ड्रिल कराने की भी सलाह दी गई है।
एक सप्ताह बाद दोबारा निरीक्षण : अधिकारियों ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। एक सप्ताह बाद सभी संस्थानों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि इस दौरान कमियां दूर नहीं मिलीं तो संबंधित कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग,तालाबंदी और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दमकल विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि भीड़भाड़ वाले शैक्षणिक संस्थानों में संभावित आगजनी की घटनाओं को रोकने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।


Share

Check Also

रायपुर@छत्तीसगढ़ में नामांकित पार्षदों की नियुक्ति, नगरीय प्रशासन विभाग का आदेश जारी,देखें लिस्ट…

Share रायपुर,25 जून 2026। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने विभिन्न नगर …

Leave a Reply