दोस्ती को परिभाषित करने के लिए, हमें यह समझना होगा कि दोस्ती क्या है और क्या नहीं है।दोस्ती की परिभाषा सबके लिए अलग अलग हो सकती है,दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो निस्वार्थ,विश्वास,और समर्थन पर आधारित होता है। दोस्ती में हम एक दूसरे के साथ खुशियाँ और दुख बांटते हैं, एक दूसरे की मदद करते हैं,और एक दूसरे का सम्मान …
Read More »संपादकीय
लेख@ग्रामीण जनजीवन पर आधारित रूढ़ी या प्रथा
आजकल रूढी¸ प्रथा के नाव ले मनखे मनला छोटे जनाय कस लगथे बदलत दिन बादर मा ये प्रथा ला तियागे के बड़ उदिम करे जाथे, आधुनिक दौर मा येला देहाती, उजबक परम्परा कहीके हिनमान कर देथें। हर आदमी ल जानना चाही कि ये प्रथा ल बदले के कोनो उपायच नइ हे, जोन आदि अनन्त काल ले चलत आवत हे। ये …
Read More »लेख@बढ़ती उम्र के साथ खानपान का ध्यान रखना जरूरी
बढ़ती उम्र के साथ शरीर की ज़रूरतें भी बदलती हैं। ख़ासकर 60 वर्ष की उम्र के बाद। मन मीठे और तले जैसे तरह-तरह के व्यंजनों की तरफ आकर्षित होता है। परंतु उम्र के इस पड़ाव में आपका भोजन ऐसा होना चाहिए जो शरीर को ऊर्जा दे, पाचन को सहज बनाए और दिनभर ऊर्जावान और हल्का महसूस कराए । आपका स्वास्थ्य …
Read More »लेख@महान वैज्ञानिकःपियरे क्यूरी
महान वैज्ञानिक के जन्म तिथि 15 मई २० 25 पर विशेष पियरे क्यूरी का जन्म 15 मई, 1859 को पेरिस में हुआ था,जहाँ उनके पिता एक सामान्य चिकित्सक थे। सोरबोन में विज्ञान संकाय में प्रवेश करने से पहले उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही प्राप्त की। उन्होंने 1878 में भौतिकी में अपना लाइसेंस प्राप्त किया और 1882 तक भौतिकी …
Read More »लेख@नई सेंडिल
रानू को अपने मायके की शादी जाना था। उसने अपनी छोटी बहन यामिनी को भी अपनी ससुराल बुला लिया। साथ में यामिनी के दोनों बच्चे भी थे। उन्हें परसों सुबह निकलना था। आज सुबह ऋ षभ राजनांदगाँव जाने के लिए निकल ही रहा था; तभी सरला ने कहा- ऋषि ! मेरे चश्मे की डंडी टूट गई है बेटा। शाम को …
Read More »लेख@सीजफायर-मोदी की राष्ट्रवाद से यू-टर्न तक की अधूरी कहानी
भारतीय राजनीति में ऐसे कई क्षण आते हैं जब कोई घटना देश की जनता और सत्ता प्रतिष्ठान के बीच संबंधों को गहराई से प्रभावित करती है। पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों द्वारा 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में 26 हिन्दुओं की हत्या भी इसी की एक कड़ी थी,जिसका हिसाब चुकाने के लिये मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर कड़ा कूटनीतिक और सैन्य …
Read More »लेख@ऑपरेशन सिन्दूर
काली तारीख 22 अप्रैल 2025 पहलगाम के बैसरन घाटी में जो चार-पांच आतंकवादी आए थे जिन्होंने हिंदू-मुस्लिम पूछ कर मारा, जिन्होंने नई नवेली दुल्हनों के सामने उनके शरीके-हयात को कत्लेआम किया,जिन्होंने नई नवेली दुल्हनों के मांग के सिंदूर उजाड़े,जिन्होंने पहलगाम में हिंदुओं की पैंट उतरवायी,जिन्होंने भारत की हिंदू बेटियों से कहा कि जाकर मोदी को बता देना, क्या वो चार-पांच …
Read More »लेख@हमने युद्ध विराम क्यों किया?
अब जब भारत विभाजन को लगभग 78 साल हो गए हैं हमें महसूस होने लगा है कि पाकिस्तान बनाकर भारतीय राजनेताओं ने बहुत बड़ी गलती की जिसका खामियाजा¸ हम आज तक भुगत रहे हैं। पाकिस्तान के पास तो यह बहाना है कि जम्मू कश्मीर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है इसलिए इसे पाकिस्तान में शामिल होना चाहिए था। लेकिन जम्मू कश्मीर के …
Read More »लेख@प्रकृति के व्यवहार नहीं हमर व्यवहार बदले हे
बैशाख के महिना हा गर्मी के महिना आए,जेनमा धुर्रा उड़ाथे अउ बासी हा गजब सुहाते,फेर प्रकृति के रचना हा घलो उटपटांग आए अभी धुर्रा के जगा मा चिख्ला होवत हे अउ शरबत के जगा चाय हा सुहावत हे। सावन भादो कस गली खोर मा पानी बोहावत हे। लइका धुर्रा के जगा मा चिख्ला ला छपछपावत हे। आदमी हा अपन कर्म …
Read More »लेख@आखिर युद्ध विराम क्यों?
जब मुंह दिया ओखली में तो मुसलों से क्या डर? जब पहले आज़ादी के समय हमने पाकिस्तान को छोड़ा,फिर 1965 में हमने दरियादिली दिखाई। 1971 का युद्ध किसको याद नहीं है। हमारे जैसा दिलेर देश कोई हो ही नहीं सकता। उसके बाद 1999 में कारगिल में हमने कितने शूरवीरों को शहीद बना दिया और पाकिस्तान के सैनिकों को जिंदा ही …
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