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सूरजपुर@ सूरजपुर में किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य

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कलेक्टर ने जारी किया आदेश,बिना सत्यापन किराये पर मकान देने पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक की अपील-सुरक्षित,शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त सूरजपुर के लिए प्रशासन का सहयोग करें
-संवाददाता-
सूरजपुर,01 अगस्त 2026 (घटती-घटना)।
जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है,पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के प्रतिवेदन पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रेना जमील ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस),2023 की धारा-163 के तहत आदेश जारी कर जिले में किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है, यह आदेश जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है,जिला प्रशासन का मानना है कि किरायेदारों का सत्यापन नहीं होने के कारण कई बार आपराधिक तत्व अपनी पहचान छिपाकर वारदातों को अंजाम देते हैं, ऐसे मामलों की रोकथाम और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
बिना पुलिस सत्यापन नहीं दे सकेंगे किराये पर मकान- जारी आदेश के अनुसार अब जिले में कोई भी व्यक्ति अपना मकान, भवन, दुकान या अन्य परिसर किराये पर देने से पहले संबंधित किरायेदार का पूरा विवरण निकटतम थाना या चौकी में उपलब्ध कराएगा,मकान मालिक को किरायेदार का नाम,स्थायी पता, मोबाइल नंबर,पहचान पत्र,अन्य आवश्यक जानकारी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी,पुलिस सत्यापन के बाद ही किरायेदारी प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
होटल,लॉज और ढाबा संचालकों के लिए भी निर्देश- आदेश केवल मकान मालिकों तक सीमित नहीं है,जिले के सभी होटल, लॉज,धर्मशाला,ढाबा एवं निजी संस्थानों को भी अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों तथा ठहरने वाले व्यक्तियों का आवश्यक विवरण संबंधित थाना में उपलब्ध कराना होगा,यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति होटल,लॉज या अन्य प्रतिष्ठान में ठहरता है या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस को देना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम-प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं,जहां अपराधी किरायेदार बनकर या फर्जी पहचान के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं,किरायेदार सत्यापन की अनिवार्यता से अपराधियों की पहचान आसान होगी, संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते निगरानी रखी जा सकेगी, पुलिस को जांच में सुविधा मिलेगी, कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।
आदेश उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई- कलेक्टर रेना जमील ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनहित, शांति व्यवस्था एवं नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है,आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस),2023 की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी,यह आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
पुलिस अधीक्षक ने की सहयोग की अपील-पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने जिले के सभी मकान मालिकों, होटल संचालकों,व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं निजी संस्थानों से अपील की है कि वे इस व्यवस्था को केवल कानूनी औपचारिकता न समझें,बल्कि इसे सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम मानें, उन्होंने कहा कि किरायेदारों का सत्यापन अपराधों की रोकथाम का प्रभावी उपाय है और इससे समाज में सुरक्षा का वातावरण मजबूत होगा,उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
प्रशासन की मंशा—अपराध पर रोक, नागरिक रहें सुरक्षित- जिला प्रशासन का मानना है कि पुलिस और आम नागरिकों की साझेदारी से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, किरायेदार सत्यापन की यह व्यवस्था न केवल अपराधियों पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि जिले में शांति, सुरक्षा और जनविश्वास को भी मजबूत करेगी, अब जिले के मकान मालिकों, होटल संचालकों और संस्थान प्रमुखों की जिम्मेदारी होगी कि वे नए आदेश का पूर्ण पालन करें और प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अपराधमुक्त सूरजपुर के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।


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