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नई दिल्ली@ एसआईआर पर 2 चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई

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चुनाव आयोग बोला…यह सामान्य प्रक्रिया,राहुल ने कहा…वोट चोरी में शामिल,तो नहीं बख्शेंगे
नई दिल्ली,23 सितम्बर 2026।
चुनाव आयोग ने बुधवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयुक्तों में मतभेद से जुड़ी रिपोर्ट को खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि पिछले एक साल में लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। आयोग ने कहा कि किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इस मामले में राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर वोट चोरी को संविधान के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि समय आने पर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां ज्ञानेश कुमार को भी भेजीं : चुनाव आयुक्तों में मतभेद का विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। यह रिपोर्ट 23 सितंबर को पब्लिश की गई। इसके मुताबिक,चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कहा कि कई फैसले उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना लिए गए। आयोग के फैसलों पर 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच 14 बार लिखित आपत्ति जताई गईं। इनमें 16 अप्रैल को चार आपत्तियां दर्ज की गईं। इन आपत्तियों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गईं। कुछ आपत्तियां उन उप चुनाव आयुक्तों को भी भेजी गईं,जो संबंधित काम की निगरानी कर रहे थे। यह विवाद बिहार से जून 2025 में शुरू हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के बीच सामने आया है।
एसआईआर के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं।
राहुल गांधी-मैं इलेक्शन कमीशन और इलेक्शन ऑफिसर्स को साफ कह रहा हूं कि आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो। ये राजद्रोह है,देश के खिलाफ है। टाइम आएगा। हम आपको पकड़ेंगे। बचने वाले नहीं हो।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव- सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट मामले की खुद जांच करे।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल-वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार सिर्फ ईआरओ को है, फिर दिल्ली में बैठे लोग पूरे देश की वोटर लिस्ट कैसे बदल रहे हैं?
ममता टीएमसी की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष-एसआईआर की खामियों और अव्यवस्था’ की जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त की है। किसके निर्देश पर नागरिकों को कथित तौर पर मताधिकार से वंचित किया जा रहा है।
यूबीटी शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे- महाराष्ट्र,पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बैलट पेपर का उपयोग करके फिर से चुनाव होने चाहिए।
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज-सभी विपक्षी दलों को पहले चुनाव आयोग से जुड़े इस मुद्दे को उठाना चाहिए और आयोग को व्यवस्थित करने पर ध्यान देना चाहिए।


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