जांजगीर-चांपा,12 मई 2026। जांजगीर-चांपा जिले के घुरकोट गांव में तरबूज खाने के बाद पांच बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी बच्चों को उल्टी-दस्त और सांस फूलने की शिकायत होने लगी। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि चार बच्चों का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, पोड़ी दलहा निवासी अखिलेश धीवर (15), अवरीद निवासी श्री धीवर (4), खटोला निवासी पिंटू धीवर (12), नरेंद्र धीवर और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने मामा के गांव घुरकोट पहुंचे थे। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सभी बच्चों ने घर में रखा तरबूज खाया था। बताया जा रहा है कि करीब दो घंटे बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले अखिलेश धीवर को उल्टी-दस्त और सांस लेने में दिक्कत हुई। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
कलेक्टर ने मामले का लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले का संज्ञान लिया। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम गांव और अस्पताल पहुंची। प्रशासन ने तरबूज के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं, वहीं मौत के कारणों का पता लगाने पोस्टमार्टम के बाद विसरा सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, जानकारी सामने आ रही है कि डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग और संक्रमण की आशंका जताई गई है। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि हर घर के लिए चेतावनी है कि खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से संभालना कितना जरूरी है।
कटे हुए फल खाने के नुकसान
डॉक्टरों के अनुसार, कटे हुए फल को लंबे समय तक खुले में रखने से उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं। गर्म मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। तरबूज जैसे फलों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए इनमें बैक्टीरिया आसानी से पनप सकते हैं। अगर फल को फ्रिज में सही तापमान पर न रखा जाए या मक्खियां और धूल उस पर बैठ जाएं, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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