Breaking News

अनूपपुर@जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किया गया रोस्टर में फर्जीवाड़ा

Share


हो रहे भ्रष्टाचार पर एससी,एसटी,ओबीसी समुदाय का व्यापक विरोध शुरू…


-अरविंद द्विवेदी-
अनूपपुर,08 अगस्त 2023 (घटती-घटना)।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के कुलपति प्रो. प्रकाशमणि त्रिपाठी द्वारा नियमित भर्ती में जातिवाद तथा क्षेत्रवाद करके मध्यप्रदेश के युवाओं को दरकिनार करने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। कुलपति द्वारा भर्ती में करोड़ों की घुसखोरी करने के लिए आरक्षण हेतु संविधान के स्थापित नियम के विरुद्ध जाकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित बैकलॉग पोस्ट को सामान्य श्रेणी में करके अपने देवरिया इलाके के अपनी जाति तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भर्ती करने के मामले में पूरे प्रदेश में जोरदार विरोध शुरू हो गया है।


रोस्टर में परिवर्तन तथा आरक्षण नियमों विरुद्ध जाकर की गई भर्ती


कुलपति द्वारा रोस्टर रजिस्टर में फर्जीवाड़ा, बैकलॉग पोस्ट में ओबीसी-एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित पदों के रोस्टर में परिवर्तन करके आरक्षण नियमों विरुद्ध जाकर कूटरचना तथा धोखाधड़ी किया गया है। जिससे इस मामले में लगातार शिकायत शुरू हो गई है और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के शिक्षक भी इसका खुलेआम विरोध कर दिए है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी एवं बाल स्वयंसेवक को विश्वविद्यालय में भर्ती से रोकने के लिए जानबूझकर सामान्य श्रेणी की सीट को आरक्षित करके षड्यंत्र रचा गया है। इसको लेकर करणी सेना तथा राजपूत समाज के अधिकारी आंदोलन की तैयारी भी कर रहे हैं। जबकि वहीं छः कम्युनिस्ट विचारक शिक्षकों की भर्ती में शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री जी लक्ष्मण का नाम घसीट दिया गया है।


मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध


जनजातीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक पदों में भर्ती के मामले में जिस प्रकार से मध्यप्रदेश के युवाओं को धता बताया गया है उससे पूरे प्रदेश में कुलपति के खिलाफ आक्रोश व्याप्त हो गया है। भांजे एवं भांजियों द्वारा मुख्यमंत्री (मामा जी) से कार्यवाही की अपेक्षा रखी गई है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री इस मामले को महामहिम राष्ट्रपति तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री की ओर अग्रेषित कर उनसे कब-तक बातचीत करते हैं। विश्वविद्यालय में व्याप्त नशाखोरी, प्रतिबंधित संगठनों के स्लीपर सेल की एंट्री, कम्युनिस्ट विचारक छात्र संगठनों द्वारा संघ विचारधारा, भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ लगातार हो रही साजिश को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार के स्तर पर इस पर कार्यवाही नहीं करने से संशय की स्थिति बनी हुई है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार खुद भ्रष्टाचार करवाने में संलिप्त है।


संघ के वरिष्ठ प्रचारकों के खिलाफ हो रही है सुनियोजित साजिश


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीप्रकाशमणि त्रिपाठी के अत्यंत नजदीकी एवं मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो नवीन शर्मा ने अपने हाल ही के फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि देश के 90त्न कुलपतियों को शिक्षा नीति के बारे में ज्ञान नहीं है तथा यूजीसी के अध्यक्ष भी जानकार नहीं है। यह पोस्ट कराकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मजाक उड़ाया गया है जो कि सीधा शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार का अपमान है। प्रो नवीन शर्मा ने अपने फेसबुक पोस्ट पर विवि के पूर्व कर्मचारी डॉ आरएस नापित के संदर्भ में आभासी रूप प्रकट करते हुए अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री के बारे में बेहद शर्मनाक तथा अपमानजनक पोस्ट किया गया है। इसके पहले भी इस प्रकार की साजिश रची जाती रही है, कोई भी विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में आता है तो पांच शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है कि उस प्रचारक या संगठन मंत्री का वीडियो रिकॉर्डिंग बनाओ, उससे मिलने वालों का विडियो कैद करो। इस प्रकार की गतिविधि संचालित कराई जाती है तथा संघ के प्रचारक जैसे ही वापस जाते हैं उनके विरुद्ध विरोधी पार्टी के छात्र संगठनों एवं राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर षड्यंत्र शुरू कर दिया जाता है। भर्ती में घूसखोरी स्वयं कुलपति कर रहे हैं लेकिन नाम भाईसाहब लोग का लगाया जाता है।


हिंदू नक्सलिज्म,संघ और भाजपा के खिलाफ सार्वजनिक पोस्ट करना जायज


पूर्व कुलसचिव पी सिलुवेनाथन ने यह भी बताया कि कुलपति प्रो प्रकाशमणि त्रिपाठी के इशारे पर प्रो नवीन शर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा एक फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार कर कुलपति से अनुमोदित कराया गया है जिसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्टून बनाने तथा हिंदू नक्सलिज्म को सही ठहराने के लिए मिनिट्स आफ मीटिंग को अनुमोदित कर दिया गया है तथा अनुमोदित मिनट्स को कुलसचिव के हस्ताक्षर से दिनांक 29 दिसंबर 2022 को अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पुष्पराजगढ़ को देकर पुलिस को बेवकूफ बनाकर उच्च अधिकारियों से लेनदेन करके प्रकरण को नस्तीबद्ध करवाया गया है। पी सिलुवेनाथन ने बताया कि इस मामले में पुलिस से उच्च स्तरीय सेटिंग की गई है ताकि मामला धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, श्री मंगूभाई पटेल तक ना पहुंच पाए और इसके लिए पुलिस को बड़े पैमाने पर रुपयों का इनाम दिया गया है।


सरकार एवं जांच एजेंसी को फर्जी जवाब देकर बेवकूफ बनाता है विश्वविद्यालय


इस मामले में राष्ट्रपति भवन, भारत सरकार के मंत्रालय से जवाब तलब किया गया है लेकिन विश्वविद्यालय कूटरचित दस्तावेज बनाकर फर्जी जवाब देकर जांच एजेंसी को भ्रमित एवं गुमराह कर देता है। इस बात की पुष्टि पूर्व कुलसचिव पी सिलुवेनाथन ने किया है कि कुलपति के कहने से कई बार फर्जी जवाब दिया हूं तथा दिनांक 19 तथा 29 दिसंबर 2022 को फर्जी जवाब देकर अनूपपुर जिला पुलिस को बेवकूफ बनाया हूं। बेवकूफ बनाने के लिए मैंने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णय की गलत व्याख्या कर पुलिस को भ्रमित कर दिया है और लिख दिया हूं कि विश्वविद्यालय के किसी भी प्रकरण में पुनः जांच किया जाना उच्च न्यायालय की अवहेलना होगी। जबकि सच्चाई यह है कि उच्च न्यायालय ने अपराध की जांच पर रोक नहीं लगाया है और ना ही आरोपियों को दोषमुक्त किया है। पी सिलुवेनाथन ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में शोध छात्रा के माध्यम से रिट पिटीशन नंबर 1371/22 दायर कराकर फर्जीवाड़ा के जांच को रोकने के लिए हाई कोर्ट का गलत इस्तेमाल किया गया है।


Share

Check Also

मथुरा @ प्रेमानंदजी की अपील

Share .मैं रहूं न रहूं,हमेशा साथ रहूंगा,मेरी चिंता छोडि़ए,श्रीजी का ध्यान लगाइएमथुरा ,25 मई 2026 …

Leave a Reply