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बैकुंठपुर@आईसी मार्ट प्रकरण में बैद परिवार की पहली प्रतिक्रिया… कहा…निष्पक्ष जांच हो,पूरे परिवार को बनाया जा रहा निशाना

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  • आईसी मार्ट प्रकरण में बैद परिवार का बड़ा पलटवार…एएसआई अलंगो दास की भूमिका की भी हो जांच,हमें नहीं पूरे परिवार को बनाया जा रहा निशाना…
  • आईसी मार्ट प्रकरण में बैद परिवार ने तोड़ी चुप्पी,पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप
  • आत्महत्या दुःखद,लेकिन जांच एकतरफा नहीं हो…बैद परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल…
  • आरोपी परिवार ने खोला मोर्चा,कहा… महिलाओं को प्रताडि़त किया जा रहा, निष्पक्ष जांच कराए प्रशासन
  • आईसी मार्ट प्रकरण में बैद परिवार का बड़ा दावा,हमें नहीं,एएसआई की भूमिका की भी हो जांच
  • रवि सिंह-
    बैकुंठपुर,25 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
    बहुचर्चित आईसी मार्ट आत्महत्या प्रकरण में अब एक नया मोड़ सामने आया है,अब तक पुलिस की कार्रवाई और मृत छात्रा के परिजनों की ओर से उठ रही मांगों के बीच आरोपी बनाए गए बैद परिवार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है,परिवार ने विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया है कि पूरे मामले में उन्हें एकतरफा तरीके से आरोपी बनाया जा रहा है,जबकि घटना के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है,परिवार का कहना है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं,लेकिन जांच निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, साथ ही उन्होंने पुलिस पर महिलाओं,युवतियों और बुजुर्गों को परेशान करने, बैंक खाते सीज करने तथा पूरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताडि़त करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं, इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
    चोरी की घटना से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम-बैद परिवार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूरे मामले की शुरुआत आईसी मार्ट में हुई कथित चोरी की घटना से हुई,परिवार का दावा है कि 7 जुलाई 2026 को मृतक छात्रा अपनी 15 वर्षीय छोटी बहन के साथ आईसी मार्ट में कथित रूप से चोरी करते हुए पकड़ी गई थी, प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी थीं,परिवार के अनुसार पूछताछ के दौरान मृतक छात्रा ने कथित रूप से चोरी स्वीकार की तथा ले जाए गए सामान की सूची भी तैयार कर दी थी,इसके बाद उससे कहा गया कि वह अपने परिजनों को बुलाए,बताया गया है कि मृतक छात्रा अपनी स्कूटी वहीं छोड़कर घर चली गई और कुछ समय बाद अपने परिचित अलंगो दास, जो पुलिस विभाग में कार्यरत बताए गए हैं,के साथ वापस आई।
    ’हमारा उद्देश्य एफआईआर नहीं, बच्चों को सुधारना था’- प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उस समय आईसी मार्ट प्रबंधन का उद्देश्य किसी किशोरी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करना नहीं था,परिवार का दावा है कि एएसआई अलंगो दास ने बातचीत के दौरान कहा कि यदि चोरी की घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास पहुंच गया तो जेल जाना तय है,यह बातचीत मृतक छात्रा भी सुन रही थी, बैद परिवार के अनुसार उन्होंने स्पष्ट कहा था कि उनका उद्देश्य किसी बच्चे को जेल भेजना नहीं बल्कि उसे ऐसी गलती दोबारा न करने के लिए समझाना है,चोरी हुए सामान की कीमत लगभग 20 हजार रुपये बताई गई और उसी राशि की भरपाई पर सहमति बनने के बाद मामला लगभग समाप्त मान लिया गया।
    अगले दिन पिता पहुंचे,सीसीटीवी देखने के बाद मामला खत्म करने की बात-प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगले दिन मृतक छात्रा के पिता,जो स्वयं पुलिस विभाग में कार्यरत बताए गए हैं,आईसी मार्ट पहुंचे,परिवार का दावा है कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद चोरी की घटना स्वीकार की,इसके बाद आईसी मार्ट प्रबंधन ने उनसे कहा कि वे उचित समझें वैसा निर्णय लें और यदि कोई सामान घर पर हो तो लौटा दें,वैद परिवार का कहना है कि इसके बाद उन्होंने किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं कराई और मामला वहीं समाप्त मान लिया।
    एफआईआर को बताया एकतरफा कार्रवाई-घटना के बाद बैकुंठपुर सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 214/2026 दर्ज किया गया,जिसमें आईसी मार्ट संचालक विनोद बैद,उनके बड़े भाई जगत बैद तथा अधिवक्ता दीपक वैद को आरोपी बनाया गया, प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विनोद वैद ने कानून का सम्मान करते हुए गिरफ्तारी दे दी है,लेकिन अन्य परिजनों को भी आरोपी बनाकर कार्रवाई की जा रही है,परिवार का आरोप है कि उपलब्ध तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए बिना पूरे परिवार को संदेह के घेरे में लाया गया है।
    महिलाओं और बच्चों को भी बनाया जा रहा दबाव का माध्यम-बैद परिवार ने सबसे गंभीर आरोप पुलिस कार्रवाई के तरीके पर लगाए हैं,प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि घटना के बाद से महिलाओं,युवतियों और अन्य निर्दोष परिजनों को बार-बार थाने बुलाया जा रहा है,परिवार का दावा है कि कई-कई घंटों तक उन्हें थाने में बैठाया जाता है,जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में है,परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पूछताछ के दौरान अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है तथा उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है,इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
    बैंक खाते सीज कर दिए गए,व्यापार पूरी तरह ठप्प-परिवार का कहना है कि घटना के बाद आईसी मार्ट पूरी तरह बंद पड़ा है, उनका दावा है कि बैंक खातों को भी सीज कर दिया गया है,जिससे व्यापार के साथ-साथ परिवार का दैनिक जीवन भी प्रभावित हो गया है,परिवार का कहना है कि यदि जांच चल रही है तो वह कानून के अनुसार चले,लेकिन पूरे परिवार की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
    सुरक्षा भी दी जाए-बैद परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि आईसी मार्ट और पूरे परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए,परिवार का कहना है कि घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस सुरक्षा आवश्यक है,साथ ही आईसी मार्ट को सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुनः खुलवाने की भी मांग की गई है।
    परिवार ने रखीं कई प्रमुख मांगें, प्रेस विज्ञप्ति में बैद परिवार ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं—
    अपराध क्रमांक 214/2026 की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
    पर्याप्त साक्ष्य के बिना अन्य परिजनों की गिरफ्तारी न की जाए।
    महिलाओं,युवतियों और निर्दोष परिवारजनों को परेशान करना बंद किया जाए।
    आत्महत्या के सभी संभावित कारणों की निष्पक्ष जांच हो।
    यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
    आईसी मार्ट एवं वैद परिवार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।
    सुरक्षा व्यवस्था के साथ प्रतिष्ठान को पुनः संचालित करने की अनुमति दी जाए।

    न्यायपालिका पर भरोसा,निष्पक्ष जांच की अपेक्षा-प्रेस विज्ञप्ति के अंत में वैद परिवार ने कहा है कि उन्हें भारतीय संविधान और न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है, परिवार ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग देगा और कानून की प्रक्रिया का सम्मान करेगा, साथ ही उन्होंने अपील की है कि मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए।
    पुलिस का पक्ष आना अभी शेष
    यह उल्लेखनीय है कि इस समाचार में वर्णित अनेक बातें वैद परिवार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में किए गए दावे और आरोप हैं, इनकी सत्यता की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी,समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई थी,ऐसे में मामले के सभी पक्षों को सामने लाकर निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया ही आगे की स्थिति स्पष्ट करेगी।
    एएसआई अलंगो दास की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो…
    बैद परिवार का कहना है कि पूरे प्रकरण में केवल आईसी मार्ट संचालकों की भूमिका की जांच की जा रही है,जबकि बैकुंठपुर सिटी कोतवाली में पदस्थ एएसआई अलंगो दास की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए,परिवार का दावा है कि चोरी की घटना के बाद एएसआई अलंगो दास स्वयं मृतका की ओर से बातचीत करने आईसी मार्ट पहुंचे थे, उस दौरान उन्होंने कथित रूप से मृतका के सामने यह कहा था कि यदि चोरी की घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस तक पहुंच गया तो जेल जाना तय है,बैद परिवार का आरोप है कि यदि मृतका के मन में किसी प्रकार का भय उत्पन्न हुआ, तो उस पहलू की भी जांच होनी चाहिए,परिवार का यह भी दावा है कि उनकी ओर से मृतका को न तो डराया गया और न ही किसी प्रकार की धमकी दी गई,उनका आरोप है कि जांच एजेंसी इस पहलू की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है,बैद परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि एएसआई अलंगो दास बाद में स्वयं को मृतका के रिश्तेदार के रूप में प्रकरण से जोड़ते हुए सामने आए,जबकि उनकी भूमिका और घटनास्थल पर उनके पहुंचने की परिस्थितियों की भी जांच की जानी चाहिए,परिवार ने मांग की है कि यह भी स्पष्ट किया जाए कि एएसआई अलंगो दास किस हैसियत से आईसी मार्ट पहुंचे थे, उनकी उस समय की भूमिका क्या थी तथा क्या उनके कथित व्यवहार का मृतका की मानसिक स्थिति पर कोई प्रभाव पड़ा,परिवार का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और वस्तुनिष्ठ जांच आवश्यक है।
    आत्महत्या के बाद अचानक बदल गया पूरा घटनाक्रम
    प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अगले दिन,8 जुलाई को छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली,परिवार ने इस घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए मृत छात्रा के प्रति संवेदना व्यक्त की है, हालांकि परिवार का कहना है कि आत्महत्या के बाद पूरे मामले की दिशा अचानक बदल गई और बिना सभी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच किए आईसी मार्ट संचालकों को आरोपी बना दिया गया।
    आत्महत्या के सभी कारणों की जांच हो…
    बैद परिवार का कहना है कि आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामले में केवल एक ही कोण से जांच नहीं होनी चाहिए,परिवार ने दावा किया है कि घटना से पहले कथित रूप से मृतक छात्रा के सामने जेल जाने की बात कही गई थी और जांच में इस पहलू की भी पड़ताल होनी चाहिए कि उसका मानसिक प्रभाव क्या पड़ा, परिवार का कहना है कि किसी एक पक्ष को पहले से दोषी मानकर विवेचना करना न्यायसंगत नहीं होगा।

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