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सूरजपुर @ पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद

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फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला,बुधवार साय पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
-संवाददाता-
सूरजपुर,09 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
पत्नी की डंडे से मारकर हत्या करने के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सूरजपुर की अदालत ने आरोपी पति बुधवार साय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, न्यायालय ने आरोपी पर 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम केदारपुर का है, पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल 2023 को केदारपुर निवासी मंगल साय ने थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसका चचेरा भाई बुधवार साय अपनी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी पत्नी समुन्द्री बाई के साथ गांव में नया मिट्टी का मकान बना रहा था,14 अप्रैल 2023 की शाम बुधवार साय का अपनी पत्नी समुन्द्री बाई से किसी बात को लेकर विवाद हो गया,आरोप है कि विवाद के दौरान बुधवार साय ने पत्नी के साथ मारपीट की। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर मंगल साय और उसका छोटा भाई मौके की ओर गए,लेकिन डर के कारण बीच-बचाव करने नहीं पहुंचे,पुलिस के मुताबिक कुछ देर बाद बुधवार साय ने बताया कि उसने पत्नी को मिट्टी लमरने के लिए कहा था,लेकिन उसके मना करने पर गुस्से में डंडे से मारकर उसकी हत्या कर दी,इसके बाद मंगल साय की रिपोर्ट पर प्रेमनगर थाने में अपराध क्रमांक 37/2023, धारा 302 भादसं. के तहत मामला दर्ज किया गया।
विवेचना में जुटाए साक्ष्य, आरोपी के खिलाफ पेश हुआ आरोप पत्र- मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी प्रेमनगर निरीक्षक रूपेश कुंतल द्वारा की गई, पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य संकलित किए और बुधवार साय पिता सुखलाल धनुहार, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम केदारपुर को गिरफ्तार किया, विवेचना पूर्ण होने के बाद उसके विरुद्ध आरोप पत्र जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक न्यायालय सूरजपुर के समक्ष पेश किया गया, प्रकरण का संचालन विशेष लोक अभियोजक नरेश कुमार कौशिक ने किया।
साक्ष्यों के आधार पर हत्या का अपराध प्रमाणित
मामले की सुनवाई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल, फास्ट ट्रैक न्यायालय सूरजपुर के समक्ष हुई, न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद 7 सितंबर 2026 को अपना निर्णय सुनाया,न्यायालय ने आरोपी बुधवार साय के विरुद्ध हत्या का अपराध साक्ष्यों के आधार पर प्रमाणित पाए जाने पर उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा 1 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया,तीन वर्ष से अधिक समय तक चले इस प्रकरण में न्यायालय के फैसले के बाद पत्नी की हत्या के दोषी पति को अब आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी।


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