पम्पी के भाई के फ्लैट में पहुंची आयकर विभाग की टीम जांच में जुटी
कानपुर , 03 जनवरी 2022 (ए)। उत्तरप्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी के एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी के घर लगातार चौथे दिन भी आयकर की जांच जारी है। सोमवार को आयकर की टीम पम्पी को लेकर कानपुर में उनके भाई अतुल जैन के फ्लैट रतन प्रेसिडेंसी पहुंची थी। यहां 3 घंटे पड़ताल के बाद टीम पम्पी को लेकर यहां से निकल गई है। माना जा रहा है कि अब पम्पी को लेकर टीम उनके बहनाई के घर जाएगी।
पड़ोसियों के
सीसीटीवी खंगाले
कानपुर के वीआईपी रोड रानी घाट चौराहा स्थित रतन प्रेसिडेंसी अपार्टमेंट की पांचवी मंजिल पर फ्लैट नंबर -503 में पुष्पराज जैन के भाई अतुल जैन रहते हैं। कन्नौज में 30 दिसंबर को छापेमारी के दौरान अतुल का फ्लैट सील कर दिया गया था। सोमवार को आयकर विभाग की टीम पम्मी जैन को लेकर उनके भाई के फ्लैट रतन प्रेसिडेंसी पहुंची आईटी की आठ सदस्यीय टीम बंद फ्लैट के भीतर जांच में जुटी है। आयकर के अफसरों ने बताया कि,जांच के बाद ही कुछ साफ हो सकेगा। इसके साथ ही टीम ने पड़ोसियों के फ्लैट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी खंगाला। आयकर अफसरों को आशंका है कि पीयूष जैन के घर छापेमारी के दौरान यहां से रुपया और दस्तावेज शिफ्ट किये गए हैं।
पम्पी और मलिक ग्रूप के 12 ठिकानों पर चल रही जांच
आयकर विभाग ने पम्पी जैन और मलिक ग्रुप के कानपुर, कन्नौज, लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और हाथरस के 35 परिसरों पर छापेमारी की थी। शनिवार तक कानपुर-लखनऊ सहित 15 परिसरों की जांच पूरी हो गई थी। रविवार तक 8 और दफ्तर, गोदाम और कॉरपोरेट ऑफिसों की जांच हो गई। अभी 12 जगह छानबीन चल रही है। सूत्रों के मुताबिक पम्पी के मुंबई स्थित घर से दो करोड़ रुपये पहले ही मिल गए थे।
बोगस कंपनियां और फर्जी बिलिंग का खेल
आगे की पड़ताल में खुलासा हुआ कि पम्पी ने कोलकाता की बोगस कंपनियों के जरिए दस करोड़ की इंट्री ली। पड़ताल में सभी कंपनियां फर्जी मिलीं। 10 करोड़ की फर्जी खरीद-बिक्री के प्रमाण मिले हैं। उनके बहनोई के दोनों घर सील हैं,जांच नहीं की गई है।
फौजान के घर मिली पांच करोड़ नगदी
कन्नौज जिले में चौथे दिन भी छापेमारी जारी है। शहर में आयकर विभाग की टीम दो जगह पर छापेमारी कर रही है। यह दोनों ही पुराने और बड़े इत्र कारोबारी है। इसमें इत्र कारोबारी फौजान मलिक के घर से करोड़ों रुपयों में पांच रुपये से लेकर दो हजार तक के नोटों की गड्डियां मिली हैं। इनमें सबसे अधिक पांच और दो हजार के नोट शामिल हैं। एचडीएफसी के कैशियर गौरव का कहना है कि नोटों की गिनती मशीन से की जा चुकी है। इसके बाद करीब 5 करोड़ के आसपास नगदी है।
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