नई दिल्ली ,08 नवंबर २०२१ (ए )। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें अनुरोध किया गया था कि डिजिटल माध्यम से अदालतों में सुनवाई को याचिकाकर्ता का मौलिक अधिकार घोषित किया जाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि डिजिटल माध्यम से अदालतों में हो रही सुनवाई जारी रखने से समस्या हो सकती है।
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी आर गवई की एक पीठ ने कहा कि डिजिटल माध्यम से सुनवाई में बहुत सी समस्याएं हैं। पीठ ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए दिसंबर में सूचीबद्ध किया है। पीठ ने कहा कि डिजिटल माध्यम से सुनवाई एक समस्या हो सकती है। एक साल तक इस प्रकार काम करने के बावजूद हम प्रतिदिन 30-35 मामलों की तुलना में 60-65 मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। डिजिटल माध्यम से सुनवाई में बहुत सारी समस्याएं हैं। न्यायालय ने कहा, जरनैल सिंह (पदोन्नति में आरक्षण) मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रत्यक्ष रूप से पेश हुए थे जहां वकीलों ने कहा कि यहां आकर दलीलें देने में कितना अच्छा लगता है। हम भी अब (अदालत) खोल रहे हैं। पूरी तरह खुलने के बाद हम सुनवाई करेंगे।
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