कोहिमा , 10 दिसम्बर 2021 (ए)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने कहा कि चार दिसंबर को सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 14 नागरिक मारे गए और 30 अन्य घायल हो गए, यह सशस्त्र बल (विशेष शक्ति) अधिनियम, 1958 (अफ्सपा) का दुरुपयोग था और यह मानवाधिकारों का हनन है और दशकों से नागा लोग इसका विरोध कर रहे हैं। नागालैंड सरकार ने अफस्पा को खत्म करने के लिए प्रस्ताव पर चर्चा करने और उसे पारित करने के लिए 20 दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है।
मारे गए नागरिकों की याद में कोहिमा में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रियो ने लोगों से दुखद घटना के संबंध में किसी के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह अहिंसक तरीके से हिंसा को हराने का समय है और लोगों से हिंसा से दूर रहने और देश को यह दिखाने के लिए कहा कि अफस्पा की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, समाज कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की इजाजत किसी भी ताकत को नहीं दे सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश और बाकी दुनिया नागाओं की कहानी को समझेगी, क्योंकि नागा भी स्थायी शांति चाहते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग ने अफ्सपा को खत्म करने की जोरदार मांग करते हुए कहा कि यह अधिनियम केवल दर्द और पीड़ा लेकर आया है। उन्होंने कहा कि कोई भी कारण निर्दोष नागरिकों की हत्या को सही नहीं ठहरा सकता और सरकार से अपराधियों को न्याय दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने का आग्रह किया।
जेलियांग ने कहा कि जब नागा राजनीतिक मुद्दों पर चल रही शांति वार्ता में अंतिम सफलता की उम्मीद कर रहे थे, तो 4 दिसंबर की घटना एक कठोर सदमे के रूप में आई।
कोन्याक यूनियन की कोहिमा इकाई के अध्यक्ष एच. अंगनेई कोन्याक ने ओटिंग में 4 दिसंबर की घटना का विवरण देते हुए अफस्पा को रद्द करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, देश एक और ओटिंग (मोन जिले में) घटना नहीं देखना चाहता। उन्होंने दावा किया कि मीडिया द्वारा गलत सूचना फैलाई जा रही थी।
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