कहा-अब एनआईए करे जांच
बोकारो में यूरेनियम बरामदगी मामला
रांची ,04 दिसम्बर 2021 (ए)। झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो जिले के हरला थानाक्षेत्र में इस वर्ष जून में संदिग्ध यूरेनियम जब्त किये जाने के मामले की अब तक राज्य सरकार द्वारा की गयी जांच पर असंतोष जताया है. शुक्रवार को इस मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआईए) को प्रतिवादी बनाया गया है. अदालत ने इसके साथ ही इसमें भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र और देश की ऐसी ही अन्य शीर्ष परमाणु एजेंसियां के वैज्ञानिकों की राय लेने का निर्देश भी दिया. चीफ जस्टिस संजय प्रसाद की पीठ ने जून 2021 में बोकारो से जब्त संदिग्ध
2021 में बोकारो से जब्त संदिग्ध यूरेनियम के नमूने की जांच भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र के साथ इंदिरा गांधी एटॉमिक रिसर्च सेंटर कलपक्कम या राजा रमन्ना रिसर्च सेंटर इंदौर में कराने का भी आदेश दिया है. अदालत ने बार्क को सीलबंद जांच रिपोर्ट पीठ के समक्ष भेजने का निर्देश भी दिया.हाईकोर्ट ने इस मामले में एनआईए को प्रतिवादी बनाने का आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले की जांच एनआईए करेगी. पीठ ने बोकारो के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चंदन झा को इस मामले से जुड़ी जमानत याचिका और अन्य दस्तावेज एनआईए को सौंपने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने इसकी सूचना राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और एनआईए को भी भेजने का निर्देश दिया है.
पुलिस की ओर से जब्त किए गए संदिग्ध यूरेनियम पदार्थ के मामले में चल रहे मुकदमे की सुनवाई में न्यायाधीश ने कहा कि यूरेनियम जैसे पदार्थ का मिलना काफी गंभीर है. यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा और अति गंभीर मामला है जिसके चलते इसकी एनआईए से गहराई से जांच कराना उचित होगा. सुनवाई के दौरान ‘यूरेनियम कार्पोरेशन आफ इंडिया (यूसीआईएल) ने कहा यूरेनियम जैसा, यूरेनियम नहीं क्योंकि अभी साफ नहीं है कि बरामद पदार्थ यूरेनियम ही है.
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