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अम्बिकापुर@सीईओ को हटाने सरपंच संघ ने खोला मोर्चा,7 दिन का अल्टीमेटम

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गलत गिरफ्तारी प्रकरण से बढ़ा विवाद, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,03 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। जनपद पंचायत अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश सिंह सेंगर के खिलाफ जिला सरपंच संघ ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जिलेभर के सरपंच अंबिकापुर पहुंचे और कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंपकर सीईओ को तत्काल पद से हटाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। सरपंच संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर जिले के सभी सरपंच धरना-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे। सरपंच संघ का आरोप है कि ग्राम पंचायत चिताबहार में वर्ष 2020-21 के सामुदायिक शौचालय निर्माण में 1.75 लाख रुपए के कथित गबन मामले में वास्तविक जिम्मेदारों के बजाय सरईटिकरा के सरपंच एवं जिला सरपंच संघ अध्यक्ष रामसाय मिंज के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कराया गया। बाद में न्यायालय में दस्तावेज प्रस्तुत होने पर स्पष्ट हुआ कि रामसाय मिंज कभी चिताबहार पंचायत के सरपंच रहे ही नहीं। इसके बाद जनपद पंचायत ने रिकॉर्ड में त्रुटि स्वीकार करते हुए संशोधित पत्र भेजा।
ज्ञापन में लगाए गंभीर आरोप : सरपंच संघ ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जनपद सीईओ के कार्यकाल में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर आदिवासी जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की जाती है, जबकि वास्तविक मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती। इससे पंचायत प्रतिनिधियों में भय और असंतोष का माहौल है।
संघ ने यह भी कहा कि वर्ष 2025 में भी सीईओ के स्थानांतरण की मांग को लेकर जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद राज्य शासन ने 30 जून 2026 को उनका स्थानांतरण रामानुजनगर जनपद पंचायत कर दिया, लेकिन अब तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इससे शासन के आदेशों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
चार प्रमुख मांगें : सरपंच संघ ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ को तत्काल कार्यमुक्त कर स्थानांतरण आदेश का पालन कराया जाए। साथ ही उनके कार्यकाल में पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। रामसाय मिंज की गिरफ्तारी प्रकरण की जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन की चेतावनी : सरपंच संघ ने कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर के सरपंच जनपद पंचायत अंबिकापुर के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।


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