नई दिल्ली,03 अगस्त 2026। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने ई20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि 29 जुलाई को संसद में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए जवाब से जितने सवालों के उत्तर मिले, उससे कहीं अधिक नए सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर ई20 को पूरी तरह सुरक्षित बता रही है, जबकि दूसरी ओर उपभोक्ताओं के अनुभव और विभिन्न तकनीकी दस्तावेज कई अहम चिंताएं सामने रखते हैं। जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नितिन गडकरी ने संसद में कहा था कि ई20 ईंधन को वर्षों के वैज्ञानिक परीक्षण के बाद लागू किया गया है और इससे वाहनों को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन पिछले कई महीनों से देशभर के वाहन मालिक और मैकेनिक माइलेज में कमी, इंजन के प्रदर्शन में गिरावट, 2023 से पहले बने वाहनों की ई20 के साथ अनुकूलता, कोल्ड-स्टार्ट की समस्या,इंजन के तेजी से घिसने,फ्यूल इंजेक्टर जाम होने,फ्यूल लाइन में जंग लगने तथा रबर के पुर्जों में दरार आने जैसी शिकायतें लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जून 2026 में 2023 से पहले बने पेट्रोल वाहनों के 44 हजार से अधिक मालिकों पर किए गए एक स्वतंत्र सर्वेक्षण में बड़ी संख्या में लोगों ने ई20 लागू होने के बाद अपने वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव महसूस होने की बात कही है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur