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एमसीबी@ ओडिशा से एमपी जा रही गांजे की 9 क्विंटल 19 किलो की बड़ी खेप नागपुर में पकड़ी

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एनएच-43 पर एमसीबी लगाकर संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान मिली सफलता,ओडिशा से कटनी तक फैले नेटवर्क की कडि़यां खंगाल रही पुलिस
-संवाददाता-
एमसीबी 27 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एमसीबी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 क्विंटल 19 किलोग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है, पुलिस के अनुसार गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही थी, नागपुर चौकी और पोड़ी थाना पुलिस की कार्रवाई में दो पिकअप वाहनों को जब्त करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 59 लाख 50 हजार बताई गई है, जबकि दोनों पिकअप वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख है, पुलिस के अनुसार कुल जब्त मशरूका की कीमत 4 करोड़ 69 लाख 50 हजार है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा केवल पकड़े गए छह आरोपियों तक सीमित नहीं है, पुलिस गांजे के स्रोत, सप्लायर, परिवहनकर्ता और अंतिम गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, प्रारंभिक पूछताछ में खेप के ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की श्वठ्ठस्र-ह्लश-श्वठ्ठस्र विवेचना शुरू करने की बात कही है।
एनएच-43 पर चेकिंग के दौरान मिली बड़ी सफलता- पुलिस के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा और पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थ और नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में नागपुर चौकी पुलिस द्वारा एनएच-43 हाईवे पर एमसीबी लगाकर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस टीम ने दो संदिग्ध पिकअप वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहनों में बड़ी मात्रा में गांजा मिलने की बात सामने आई, इसके बाद दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया, जब्त गांजे का वजन 9 क्विंटल 19 किलोग्राम बताया गया है, इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों से पूछताछ शुरू की।
4.59 करोड़ के गांजे ने बढ़ाई तस्करी नेटवर्क की जांच- पुलिस के अनुसार जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 4,59,50,000 है, इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दोनों पिकअप वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 10,00,000 बताई गई है, इस तरह कार्रवाई में कुल 4,69,50,000 का मशरूका जब्त किए जाने का दावा पुलिस ने किया है, इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़े जाने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप किसी एक व्यक्ति के लिए भेजी जा रही थी या इसके पीछे संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा था।
ओडिशा से मध्यप्रदेश तक तस्करी का रास्ता खंगाल रही पुलिस- प्रारंभिक पूछताछ एवं विवेचना में पुलिस को गांजा ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाए जाने की जानकारी मिली है,गिरफ्तार आरोपियों में चार आरोपी ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के बताए गए हैं, जबकि दो महिला आरोपी मध्यप्रदेश के कटनी जिले की निवासी बताई गई हैं,यह तथ्य पुलिस की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ओडिशा से गांजा किस स्थान से लोड किया गया, रास्ते में किन लोगों के संपर्क में आरोपी रहे और मध्यप्रदेश में इसकी डिलीवरी किस स्थान पर होनी थी,पुलिस के अनुसार मामले में मादक पदार्थ के स्रोत, सप्लायर,परिवहनकर्ता और अंतिम गंतव्य की जानकारी जुटाने के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।
छह आरोपी गिरफ्तार, पुलिस प्रेस नोट के अनुसार मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है…

  1. अनिल टोप्पो, पिता जोहनेश टोप्पो,उम्र 26 वर्ष, जाति मुंडा,निवासी बिरमित्रापुर,थाना बिरमित्रापुर, जिला सुंदरगढ़,ओडिशा।
  2. राजित इंद्रवार,पिता रमेश इंद्रवार, उम्र 20 वर्ष, जाति महली, निवासी टोंगरीटोला,थाना बिरमित्रापुर, जिला सुंदरगढ़,ओडिशा।
  3. विनय टेटे,पिता स्व. अगपति, उम्र 33 वर्ष,निवासी सुंदरगढ़,ओडिशा।
  4. अरुप मिर्धा,पिता मेहजदु मिर्धा,उम्र 22 वर्ष,निवासी बेमता कोकेरामा,थाना हतिबारी,जिला सुंदरगढ़, ओडिशा।
  5. अलबिरनी, पति चेलू,उम्र 25 वर्ष,जाति गोंड,निवासी खीरेनी,थाना बरही, जिला कटनी, मध्यप्रदेश।
  6. सुनीता,पति सरवरिश,उम्र 22 वर्ष,जाति गोंड, निवासी ग्राम खीरेनी,थाना बरही,जिला कटनी,मध्यप्रदेश।
    पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
    दो पिकअप वाहन जब्त, नंबर भी सामने आए- पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे दोनों पिकअप वाहनों को भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार वाहनों के नंबर OD 14 AL 9682, OD 14 ्र्AA 3468 बताए गए हैं, अब पुलिस वाहनों के स्वामित्व, उनके पिछले आवागमन, चालक और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, वाहनों की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दोनों वाहन पहले भी इस तरह की किसी गतिविधि में इस्तेमाल हुए थे या नहीं।
    अपराध क्रमांक 147/2026 में कार्रवाई- पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 147/2026 दर्ज कर धारा 20(b), 2(C) NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की है, जब्त गांजा और वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है तथा आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, आगे की विवेचना में पुलिस यह पता लगाएगी कि बरामद मादक पदार्थ कहां से आया और इसकी सप्लाई किस व्यक्ति अथवा नेटवर्क तक पहुंचनी थी।
    ‘एंड-टू-एंड’ जांच पर पुलिस का जोर- इस मामले में पुलिस ने End-to-End विवेचना की बात कही है, इसका मतलब जांच का फोकस केवल गांजा लेकर जा रहे आरोपियों तक सीमित न रहकर पूरे सप्लाई चैन तक पहुंचने पर है,पुलिस के सामने अब मुख्य रूप से ये सवाल हैं गांजा कहां से खरीदा गया किसने सप्लाई किया? किसने वाहन उपलब्ध कराए? परिवहन के लिए किन लोगों का इस्तेमाल हुआ? मध्यप्रदेश में किसे डिलीवरी दी जानी थी? क्या इसके पीछे पहले से सक्रिय कोई नेटवर्क है? क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं? इन्हीं सवालों के जवाब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी तथा दस्तावेजी जांच के माध्यम से तलाशे जा रहे हैं।
    चार आरोपी ओडिशा के, दो मध्यप्रदेश के- गिरफ्तार छह आरोपियों की भौगोलिक पृष्ठभूमि भी जांच में महत्वपूर्ण है, पुलिस के अनुसार चार आरोपी सुंदरगढ़, ओडिशा क्षेत्र के हैं, जबकि दो आरोपी कटनी,मध्यप्रदेश के निवासी हैं,इससे पुलिस के सामने ओडिशा से मध्यप्रदेश तक फैले संभावित संपर्कों की जांच का रास्ता खुलता है,हालांकि अभी पुलिस की प्रारंभिक जांच के आधार पर ही यह जानकारी सामने आई है और पूरे नेटवर्क की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
    कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका– पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में नागपुर चौकी प्रभारी शेषनारायण सिंह (सउनि),एएसआई रामकृपाल सिंह, प्रधान आरक्षक संजय पाण्डेय, मुमताज खान और ललित यादव,आरक्षक अखिलेश जायसवाल,मिथलेश गुप्ता, सुनील सोनवानी,आदित्य कुर्रे,वीरेंद्र कुमार,विजय कुमार साहू और अरविन्द मिश्रा,महिला आरक्षक रेखा कुजूर तथा सैनिक शैलेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    बड़ी खेप पकड़ने के बाद अब असली चुनौती नेटवर्क तक पहुंचने की- नागपुर हाईवे पर हुई यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस के अनुसार एक साथ दो पिकअप वाहनों से 9 क्विंटल 19 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है,बरामदगी की मात्रा और अनुमानित कीमत दोनों ही बड़ी हैं,लेकिन इतनी बड़ी खेप पकड़ने के बाद पुलिस के सामने अगली चुनौती इससे भी बड़ी है—इस खेप के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क तक पहुंचना, यदि पूछताछ में सप्लायर,खरीदार,वित्तीय लेन-देन और परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है,पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि मामले में तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
    एमसीबी पुलिस का अभियान जारी-जिला पुलिस एमसीबी के अनुसार जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, नागपुर में हुई कार्रवाई को इसी अभियान की बड़ी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, अब नजर इस बात पर रहेगी कि 9 क्विंटल 19 किलो गांजे की इस बड़ी खेप के बाद पुलिस की जांच ओडिशा से मध्यप्रदेश तक फैले कथित सप्लाई नेटवर्क में किन-किन लोगों तक पहुंचती है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आगे क्या खुलासा सामने आता है।

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