Breaking News

चिरमिरी@ जिला बने तीन साल,फिर भी शिक्षा विभाग के 35 पदों का सेटअप नहीं

Share

पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने सीएम पोर्टल पर की शिकायत,कहा…स्टाफ की कमी से चरमराई एमसीबी जिले की शैक्षणिक व्यवस्था
-संवाददाता-
चिरमिरी,03 अगस्त 2026 (घटती-घटना)।
नवगठित मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला बने तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग के आवश्यक पदों का सेटअप स्वीकृत नहीं होने का मुद्दा अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है, चिरमिरी नगर निगम के पूर्व महापौर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के. डोमरु रेड्डी ने इस संबंध में सीएम पोर्टल 1076 पर शिकायत दर्ज कराते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के 35 आवश्यक पदों के सेटअप को तत्काल स्वीकृत करने की मांग की है, उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण पद आज भी स्वीकृत नहीं किए गए हैं, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि इसका असर जिले के परीक्षा परिणामों पर भी दिखाई दे रहा है।
जिला बना,लेकिन शिक्षा विभाग का ढांचा अधूरा-के. डोमरु रेड्डी ने कहा कि जब एमसीबी जिले का गठन हुआ,तब विकास और प्रशासनिक सुविधाओं को लेकर लोगों में उत्साह था, लेकिन शिक्षा विभाग के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप आज भी जिला शिक्षा कार्यालय आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों के अभाव में कार्य कर रहा है, उनका कहना है कि स्थायी व्यवस्था नहीं होने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और विद्यालयों की निगरानी, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
35 महत्वपूर्ण पद अब भी स्वीकृति की प्रतीक्षा में- शिकायत के अनुसार,एमसीबी जिले में जिला शिक्षा अधिकारी, सांख्यिकी अधिकारी, सहायक संचालक, सहायक परियोजना अधिकारी, एमआईएस प्रशासक, सर्व शिक्षा डीएमसी,लेखापाल, एडीपीओ, डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा सहायक ग्रेड-1,2 एवं 3 सहित लगभग 35 पदों का नियमित सेटअप अब तक स्वीकृत नहीं किया गया है,पूर्व महापौर का कहना है कि इन पदों के अभाव में कई कार्य अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे संचालित किए जा रहे हैं।
परीक्षा परिणाम पर भी उठाए सवाल- के. डोमरु रेड्डी ने दावा किया कि जिला बनने के बाद से लगातार तीन वर्षों तक एमसीबी जिले का परीक्षा परिणाम राज्य की सूची में अंतिम पायदान पर रहा है, उनके अनुसार यह स्थिति शिक्षा विभाग में पर्याप्त अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का परिणाम हो सकती है,उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शिक्षा विभाग का प्रशासनिक ढांचा ही पूर्ण नहीं होगा तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर परीक्षा परिणाम की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
अस्थायी व्यवस्थाओं पर जताई आपत्ति-पूर्व महापौर ने आरोप लगाया कि स्थायी सेटअप स्वीकृत नहीं होने के कारण कई पदों पर अस्थायी रूप से कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे विद्यालयों में शिक्षकीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही है।
मुख्यमंत्री से की शीघ्र हस्तक्षेप की मांग- के. डोमरु रेड्डी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि नवगठित एमसीबी जिले के स्कूल शिक्षा विभाग के सभी आवश्यक पदों का सेटअप तत्काल स्वीकृत किया जाए, ताकि नियमित नियुक्तियां हो सकें और जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके, उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक पद स्वीकृत कर दिए जाते हैं तो न केवल विभागीय कार्यों में गति आएगी, बल्कि विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।


Share

Check Also

रायपुर@ रायपुर में 14.555 किलो गांजा जब्त,4 गिरफ्तार

Share पान मसाला की पैकिंग और टेप में छिपाकर रखी थी गांजे की खेपरायपुर,23 सितम्बर …

Leave a Reply