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नई दिल्ली@बीम्सटेक देशों में आतंकवादियों को पनाह,भर्ती और प्रशिक्षण की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए : अमित शाह

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नई दिल्ली,13 अक्टूबर 2026। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि बीम्सटेक क्षेत्र में आतंकवादी नेटवर्क को पनाह देने,भर्ती करने,प्रशिक्षण देने और संसाधन जुटाने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आतंकवाद,मादक पदार्थों की तस्करी,मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने तथा सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया।
नई दिल्ली में पहली बीम्सटेक गृहमंत्री स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि बीम्सटेक क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा का एक अनिवार्य मंच बन गया है। गृह मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वे आपसी सहयोग को व्यावहारिक व्यवस्था में बदलें,ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और संबंधित एजेंसियों की क्षमता मजबूत हो। शाह ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति पर चलता है। प्रत्येक सदस्य देश की सुरक्षा व्यवस्था दूसरे सदस्य देशों की सुरक्षा में सहायक बननी चाहिए। राष्ट्रीय कानूनों और लागू संधियों के अनुरूप पारस्परिक कानूनी सहायता तथा प्रत्यर्पण के जरिए अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के प्रयासों को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी देशों से दुनिया के किसी भी हिस्से में छिपे भगोड़े अपराधियों और आतंकवादियों को कानून के कटघरे में लाने में सहयोग करने की अपील की। गृहमंत्री ने कहा कि आपराधिक नेटवर्क सीमाओं के पार सक्रिय हैं और स्थानीय कमजोरियों का फायदा उठाते हैं। एन्कि्रप्टेड संचार, सोशल मीडिया,क्रिप्टोकरेंसी,ड्रोन और डार्क वेब का इस्तेमाल आतंकवादी प्रचार,भर्ती,धन जुटाने और अवैध गतिविधियों के संचालन के लिए किया जा रहा है। इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए खुफिया एजेंसियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों,वित्तीय निगरानी तंत्र और सीमा प्रबंधन एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में सहयोग और समन्वय जरूरी है। मादक पदार्थों की तस्करी को गंभीर खतरा बताते हुए शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार केवल एक आपराधिक गतिविधि नहीं,बल्कि युवाओं के जीवन, समाज, संस्कृति और आने वाली पीढि़यों पर हमला है। उन्होंने कहा,‘मादक पदार्थों की तस्करी में कुछ भी गोल्डन नहीं है।’ उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को आम तौर पर ‘गोल्डन ट्रायंगल’ कहा जाता है,उसे वह ‘डेथ ट्रायंगल’ कहना पसंद करते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र को मिलकर प्रयास करना होगा।
शाह ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से होने वाली कमाई संगठित अपराध को आर्थिक ताकत देती है और इसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में भी होता है। पूर्ववर्ती रसायनों के अवैध इस्तेमाल और डार्क वेब के जरिए होने वाले लेनदेन से यह चुनौती और जटिल हो जाती है। उन्होंने मादक पदार्थों की पूरी आपूर्ति शृंखला पर निगरानी,वास्तविक समय में सूचना साझा करने,संयुक्त कार्यबल गठित करने,रसायनों के अवैध इस्तेमाल को रोकने तथा वित्तीय जांच और अवैध संपत्तियों को जब्त करने में सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने मानव तस्करी को भी साझा सुरक्षा और मानवाधिकारों के समक्ष गंभीर चुनौती बताया।


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