पटना,22 अगस्त 2026। बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती नियमों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ‘ऑल पीएच.डी. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन कर रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार को लोकभवन मार्च निकाला। गर्दनीबाग से आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की। बेली रोड और आर ब्लॉक के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी बिहार सरकार की सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली 2026 को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। डॉ. कुंदन कुमार ने कहा कि नई नियमावली बिहार के छात्रों और शोधार्थियों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि करीब 30 साल में बिहार के विश्वविद्यालयों में सिर्फ तीन बार सहायक प्राध्यापकों की स्थायी बहाली हुई है। ऐसे में संविदा नियुक्ति का प्रावधान उचित नहीं है। अभ्यर्थियों ने कहा कि नई नियमावली में अधिकतम उम्र सीमा 55 से घटाकर 40 वर्ष कर दी गई है। इससे लंबे समय से अतिथि शिक्षक के तौर पर काम कर रहे अभ्यर्थियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने उम्र सीमा 55 वर्ष रखने और त्रष्ट के टेबल 3ए के आधार पर स्थायी नियुक्ति की मांग की है। रिसर्च पब्लिकेशन के अंक हटाने का भी विरोध किया जा रहा है। संगठन के मुताबिक, 19 दिनों से चल रहे आमरण अनशन में तीन शोधार्थियों की तबीयत बिगड़ चुकी है। इनमें से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur