खेती-बाड़ी की बात पर किया था हमला,सिर में गंभीर चोट लगने से बेहोश हो गई थी अनिता,15 गवाह और 35 साक्ष्यों ने पहुंचाया आरोपी को जेल
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,22 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। खेती-बाड़ी को लेकर हुए विवाद में बहू पर फावड़े से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी ससुर को अदालत ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर की अदालत ने 21 अगस्त 2026 को मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी पेरवा राम उर्फ प्रेमा राम (60), निवासी गेरसा महुआपारा,थाना लुण्ड्रा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने आरोपी पर 1000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
सिर पर फावड़े से किया था वार : मामला लुण्ड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम गेरसा महुआपारा का है। घटना 14 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 12 बजे हुई थी। पुलिस के अनुसार खेती-बाड़ी की बात को लेकर आरोपी पेरवा राम ने अपनी बहू अनिता कुजूर पर फावड़े से हमला कर दिया था। सिर के पीछे गंभीर चोट लगने से खून बहने लगा और अनिता जमीन पर बेहोश हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने पुलिस टीम को बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए थे।
आरोपी के कब्जे से फावड़ा बरामद : विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा (कोड़ी) बरामद किया गया। घटनास्थल से आहत के पास पड़ी खून लगी मिट्टी और सामान्य मिट्टी के नमूने भी सुरक्षित किए गए। जब्त सामग्री को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया तथा हथियार का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया। मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक सहायक उप निरीक्षक एसआर साहू ने की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
15 गवाह और 35 साक्ष्य पेश किए : अदालत में अभियोजन ने मामले को मजबूती से प्रस्तुत करते हुए 15 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 35 आर्टिकल साक्ष्य पेश किए। वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
पीडि़ता को प्रतिकर देने की अनुशंसा : अदालत ने पीडि़ता अनिता कुजूर को हुई गंभीर एवं दीर्घकालीन शारीरिक क्षति, उपचार और दैनिक जीवन पर पड़े प्रभाव को देखते हुए विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत उचित प्रतिकर दिए जाने की अनुशंसा भी की है। अदालत ने माना कि केवल 1000 रुपए के अर्थदंड से पीडि़ता को पर्याप्त प्रतिकर उपलब्ध नहीं होगा।
विवेचक को पुरस्कार देने की घोषणा
फैसले को पुलिस की प्रभावी विवेचना और वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए साक्ष्यों की सफलता बताया गया है। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा ने विवेचक एएसआई एसआर साहू और विवेचना में सहयोग करने वाले लुण्ड्रा थाना स्टाफ के उत्साहवर्धन के लिए उचित पारितोषिक देने की घोषणा की है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए विवेचक एसआर साहू की उच्च व्यावसायिक दक्षता और उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की।
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