समिति बनाने की याचिका खारिज की
नई दिल्ली,18 मई 2026। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों के पुजारियों, सेवादारों और मंदिर कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों की समीक्षा के लिए एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति बनाने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने की। पीठ ने कहा कि जो लोग इससे परेशान हैं, वे सीधे अदालत का रुख कर सकते हैं और कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस याचिका पर विचार करने के पक्ष में नहीं है। पीठ ने टिप्पणी की,जो लोग पीडि़त हैं,वे अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे। याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय ने 2006 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने कहा था कि वक्फ की तरह ही पुजारियों और सेवादारों के लिए भी न्यूनतम सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। वकील ने इस जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दे के संबंध में मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले का भी जिक्र किया।
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