हसदो नदी के दोनों तटों पर 500 मीटर क्षेत्र को घोषित किया जाए ‘नो-कंस्ट्रक्शन’ और प्लांटेशन जोन
-संवाददाता-
सोनहत (कोरिया),18 मई 2026 (घटती-घटना)। विकासखंड सोनहत के ग्राम पोड़ी में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर इस बार केवल प्रशासनिक समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हसदो नदी के संरक्षण और वनांचल के भविष्य को बचाने की भावुक अपील का मंच भी बना,प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन की टीम ने प्रदेश उपाध्यक्ष राजन पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष अजय गुप्ता और ब्लॉक अध्यक्ष एहसानुल हक के नेतृत्व में कलेक्टर कोरिया के नाम एसडीएम सोनहत को ज्ञापन सौंपकर हसदो नदी के पुनरुद्धार के लिए ग्रीन हसदो कॉरिडोर बनाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि सोनहत क्षेत्र, जिसे कभी कोरिया का शिमला कहा जाता था, आज लगातार बढ़ते तापमान,घटते जंगल और सूखते जल स्रोतों की मार झेल रहा है, जीवनदायिनी हसदो नदी अपने उद्गम क्षेत्र में ही संकट से जूझ रही है, यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में अमृतधारा और गौर घाट जैसे प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल केवल इतिहास और किताबों तक सीमित होकर रह जाएंगे, एसोसिएशन ने मांग की है कि मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी संरक्षण मॉडल की तर्ज पर हसदो नदी के उद्गम स्थल से अमृतधारा तक दोनों तटों के 500 मीटर दायरे को नो-कंस्ट्रक्शन जोन और ट्री प्लांटेशन जोन घोषित किया जाए, इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाकर नदी के प्राकृतिक स्वरूप और जलस्तर को संरक्षित किया जाए, इसके अलावा हलफली और बनिया जैसी सहायक जलधाराओं के जलग्रहण क्षेत्रों में चेकडैम और जल संरक्षण कार्य कराने की मांग भी रखी गई, ज्ञापन में क्षेत्र में चल रही ड्रिलिंग और खनन गतिविधियों का जलस्तर पर पड़ रहे प्रभाव की वैज्ञानिक जांच कराने की भी मांग शामिल है, राजन पाण्डेय ने कहा कि हसदो नदी का संरक्षण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के भविष्य का सवाल है,उन्होंने जिला प्रशासन,वन विभाग और स्थानीय पंचायतों की संयुक्त भागीदारी से एक व्यापक हसदो संरक्षण कार्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता बताई, उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि हसदो की पुकार केवल एक नदी का दर्द नहीं,बल्कि पूरे वनांचल की पीड़ा है,अब क्षेत्रवासियों की निगाह प्रशासन पर टिकी है कि ‘सुशासन तिहार’ के इस मंच से हसदो नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur