तीन वयस्क आरोपी जेल भेजे गए…तीन बाल अपचारी बाल न्यायालय में प्रस्तुत
-संवाददाता-
सीतापुर,30 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। थाना सीतापुर क्षेत्र से सामने आए यौन उत्पीड़न एवं सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन वयस्क आरोपी तथा तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित विवेचना की और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 को प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 150/2026 दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2), 5(जी) और 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई।
शादी समारोह से
लौटते समय हुई वारदात
बताया गया कि पीडि़ता 24 अप्रैल 2026 को अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गई थी। समारोह से लौटते समय आरोपियों ने उसे मोटरसाइकिल में जबरन बैठा लिया और सुनसान स्थान पर ले गए। वहां चार आरोपियों ने पीडि़ता के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीडि़ता किसी तरह उसी रात अपने घर पहुंची। मानसिक रूप से आहत पीडि़ता ने अगले दिन 25 अप्रैल को अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवारजन उसे लेकर 26 अप्रैल को थाना सीतापुर पहुंचे, जहां लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
30 अप्रैल तक छह आरोपी गिरफ्तार : लगातार दबिश और साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें तीन वयस्क आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।
जांच के दौरान दूसरी पीडि़ता का मामला भी सामने आया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से पीडि़ता का बयान दर्ज कराया। बयान के दौरान पीडि़ता ने बताया कि उसकी एक सहेली के साथ भी इसी प्रकार की घटना हुई है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने दूसरी पीडि़ता से संपर्क कर बयान दर्ज किए और मामले को विस्तारित करते हुए जांच शुरू की।
दो बार कराया गया मेडिकल परीक्षण
पहली पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण 26 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में कराया गया। दूसरी पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण देर रात होने के कारण 27 अप्रैल को कराया गया। इसके बाद 28 अप्रैल को पीडि़ताओं के परिजनों ने मेडिकल रिपोर्ट पर असहमति जताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने दोनों पीडि़ताओं को पुनः मेडिकल परीक्षण के लिए 29 अप्रैल को जिला अस्पताल अंबिकापुर भेजा। पुनः मेडिकल रिपोर्ट, पीडि़ताओं के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी अभियान चलाया।
गिरफ्तार आरोपी
आनंद बेक,पिता लिखन बेक,उम्र 27 वर्ष, निवासी जजगा सेटरापारा,थाना सीतापुर विकास उर्फ राहुल, पिता नन्हूराम तिग्गा, उम्र 24 वर्ष,निवासी जजगा खालपरा, थाना सीतापुर मनीष खलखो उर्फ आभीस,पिता सेनात खलखो, निवासी जजगा उपरपारा,थाना सीतापुर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं तीन विधि से संघर्षरत बालकों को बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस टीम की सक्रियता रही अहम
मामले की विवेचना एवं आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह,सहायक उप निरीक्षक शशिप्रभा दास,प्रधान आरक्षक अखिलेश्वर भगत तथा आरक्षक धनकेश्वर यादव,राकेश यादव,प्रमित भगत,निर्मल कुर्रे,बूढ़ा पैकरा और सेवक प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आगे भी जारी रहेगी जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रकरण में अभी भी साक्ष्य संकलन और विस्तृत विवेचना जारी है। यदि जांच में अन्य किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले को संवेदनशील मानते हुए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।
सीतापुर सामूहिक अनाचार मामले में कांग्रेस ने बनाई 5 सदस्यीय जांच समिति
2 मई को अंबिकापुर आएंगी छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सहप्रभारी
जरिता लैतफलांग,पीडि़त परिवारों से करेंगी मुलाकात
सीतापुर क्षेत्र में अत्यंत पिछड़े मंझवार जाति की नाबालिग बच्चियों के साथ हुए कथित सामूहिक अनाचार और मामले को दबाने के आरोपों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। यह समिति पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच करेगी। जांच दल में महिला कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष सीमा सोनी,महिला कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष अनिमा केरकेट्टा,जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री हेमंत तिवारी तथा डॉ लालचंद यादव को शामिल किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने बताया कि 29 अप्रैल को घटना की जानकारी सामने आने के बाद प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग को भी अवगत कराया गया था। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व ने जांच समिति गठन को मंजूरी दी।
2 मई को अंबिकापुर आएंगी सहप्रभारी : मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग स्वयं 2 मई को अंबिकापुर पहुंचेंगी और पीडि़त बच्चियों तथा उनके परिजनों से मुलाकात करेंगी।
कांग्रेस ने लगाए लीपापोती के आरोप : कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि 24 अप्रैल की रात विवाह समारोह से लौट रही चार बच्चियों के अपहरण का प्रयास किया गया, जिसमें दो बच्चियों का अपहरण कर उनके साथ सामूहिक दुराचार किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद थाना सीतापुर ने सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। कांग्रेस का दावा है कि सीतापुर में हुए मेडिकल परीक्षण में अनाचार नहीं होने की रिपोर्ट देकर मामले को कमजोर करने का प्रयास किया गया।
डॉक्टर को बर्खास्त करने की मांग
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कथित गलत मेडिकल रिपोर्ट जारी करने वाले चिकित्सक को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने और उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुए अत्याचार पर पर्दा डालने का प्रयास सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
दोषियों को सामने लाने की मांग…
कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उन सभी लोगों को बेनकाब किया जाए, जो इस प्रकरण की लीपापोती में शामिल रहे हैं।
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