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नई दिल्ली@स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज

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शाह बोले…आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे,विपक्ष ने माफी मांगो के नारे लगाए
नई दिल्ली,11 मार्च 2026। लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने वाला अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। गृह मंत्री अमित शाह ने 56 मिनट तक प्रस्ताव पर सरकार की तरफ से जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। शाह ने कहा कि 18वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसदों को बोलने के लिए भाजपा से दो गुना ज्यादा समय मिला। फिर भी विपक्ष के नेता कहते हैं कि हमें बोलने नहीं दिया जाता। जब बोलने का मौका आता है तो वे जर्मनी में होते हैं, इंग्लैंड में होते हैं। शाह ने कहा… एक तो वे बोलना नहीं चाहते हैं। जब बोलना चाहते हैं तो नियम के अनुसार नहीं बोलना चाहते हैं। ये सदन नियम से चलेगा। स्पीकर को नियमों के उल्लघंन पर रोकने और टोकने का अधिकार है। ये सदन मेला नहीं है,जो नियम से नहीं चलेंगे, उसका माइक बंद ही होगा। गृह मंत्री ने आगे कहा…राहुल सदन में पीएम मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए। शाह के जवाब के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और ‘अमित शाह माफी मांगो’ के नारे लगाए।
शाह ने बताया- विपक्ष के नोटिस में कई गलतियां, स्पीकर ने ठीक कराईं : अमित शाह ने कहा, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव के नोटिस में 2026 की जगह 2025 लिखा था। जब विपक्ष के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने नोटिस वापस ले लिया। दूसरे नोटिस में सिर्फ गौरव गोगई के रियल साइन थे। सभी विपक्षी सांसदों को जेरोक्स साइन थे। ऐसे में नोटिस खारिज हो सकता है। लेकिन इनमें इतनी गंभीरता नहीं है कि नोटिस नियमों के हिसाब से लाएं।
फिर भी स्पीकर के ऑफिस ने विपक्ष को मौका दिया कि गलतियां है। सुधार लो। ये सदन में गंभीरता की बात करती हैं। मोरल ग्राउंड के आधार पर ओम बिरला ने दो-दो बार प्रस्ताव सुधारने का मौका दिया।
शाह ने गिनाया,कांग्रेस-राहुल को सदन में कितना समय मिला
अमित शाह ने कहा, कितना बोलना है इसके लिए कुछ नियम बने हैं। 17वीं लोकसभा कांग्रेस को 157 घंटे 55 मिनट का समय दिया गया। जबकि उनके 52 सदस्य थे। कांग्रेस को भाजपा से 6 गुना ज्यादा समय दिया गया। जबकि भाजपा के पास 6 गुना ज्यादा सदस्य थे 18वीं लोकसभा में भी कांग्रेस को भाजपा से दो गुना समय मिला। नेता प्रतिपक्ष कहते हैं कि हमें बोलने नहीं दिया जाता। मगर बोलने का मौका आता है तो जर्मनी में होते हैं इंग्लैंड में होते हैं। फिर शिकायत करते हैं। 18वीं लोकसभा में 157 घंटे 55 मिनट कांग्रस के सदस्य बोले। मैं विपक्ष नेता से पूछना चाहता हूं कि आप तब क्यों नहीं बोले। किसने रोका था। वो तो आपका अधिकार है कि आपकी पार्टी से कौन बोलेगा। विपक्ष के नेता स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर भी कुछ नहीं बोलते। फिर प्रस्ताव लाते क्यों है। एक तो बोलना नहीं चाहते हैं। बोलना चाहते हैं कि नियम अनुसार नहीं बोलना चाहते हैं। स्पीकर के द्वारा एक बार टोकने पर दूसरी बार वही बात करोगे तो स्पीकर के पास क्या विकल्प रहता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आप मैगजीन पर नहीं बोल सकते, फिर भी आप उसी विषय पर बोलेंगे तो टोकना पड़ेगा। स्ढ्ढक्र पर चर्चा थी। विपक्ष के नेता को बोला गया कि आप बोलिए। उन्होंने सदन डिस्टर्ब किया। उनको अचनाक एक आइडिया आया कि मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा हो। आपके परनाना से लेकर आपकी दादी से पिता जी तक,बड़े बड़े नेता के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस नहीं हुई।
मैं सिर्फ इस सदन की बात नहीं करता। 17वीं लोकसभा में विपक्ष को 40′ समय दिया गया। मेंशन ऑफ थैंक्स में 34′ समय दिया गया। शून्यकाल में उनकी भागदारी 55′ रही। किसको बोलना है ये अधिकार उस दल के नेता का है। जब आप खुद नहीं बोलना चाहते तो कोई क्या कर सकता है, लेकिन बोलने तो नियमों के अनुसार ही पड़ेगा।
सिब्बल बोले…सरकार ने दूर की सोच नहीं दिखाई…
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा…अगर अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही, तो बहुत दिक्कत होगी। इसका असर कई सेक्टर पर पड़ेगा, इसलिए केंद्र सरकार ने सही काम किया है कि पहले कंज्यूमर्स (घरेलू) को गैस मिले और फिर इंडस्ट्रीज को। सरकार को दूर की सोच दिखानी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
अनुराग ठाकुर ने कहा…देश माओवादतंत्र से नहीं लोकतंत्र से चलत
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश माओवादतंत्र से नहीं लोकतंत्र से चलता है। हमारे सदस्य को संसद के बाहर गद्दार कहा गया था। हम तो आफगानिस्तान से अपने लोगों को वापस लाए। इन लोगों ने सिखों के गले कटवाए। सरेंडर आप लोगों ने किया था चीन को 38 हजार स्क्वयार मीटर जमीन देकर। हमने तो अपने सेना को खुली छूट दी।
विपक्ष ने स्पीकर पर ही नहीं,बल्कि सुप्रीम कोर्ट पर भी हमला किया : सांसद टेनेटी
टीडीपी सांसद कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने लोकसभा में कहा है कि संसद को बहस और अनुशासन के साथ चलना चाहिए, न कि व्यवधान और तमाशे के जरिए। विपक्ष ने सदन में केवल स्पीकर पर ही नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट पर भी हमला किया है। संसदीय लोकतंत्र की ताकत इस बात में है कि चुने हुए प्रतिनिधि स्थापित प्रक्रियाओं के तहत व्यवस्थित बहस करें, सरकार से सवाल पूछें और उस संस्था की गरिमा बनाए रखें जो जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करती है। स्पीकर किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिद्वंद्वी नहीं होते।
राहुल बोले…पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड हैं,हमें बोलने से रोका गया,रविशंकर प्रसाद ने कहा…कभी नहीं
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी और विपक्ष पर कई आरोप लगाए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि हम जब भी बोलने को होते हैं हमे रोका-टोका जाता है। उन्होंने कहा कि यह चर्चा लोकतंत्र और स्पीकर की भूमिका पर है। कई मौकों पर मेरा नाम लिया गया। हर समय हमें बोलने से रोका गया। राहुल ने कहा कि आखिरी बार बोलते हुए मैंने प्रधानमंत्री की ओर से कॉम्प्रोमाइज का मुद्दा उठाया था। सदन देश का प्रतिनिधित्व करता है। पहली बार विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिया गया। पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। राहुल के इतना बोलने पर रविशंकर प्रसाद ने कहा-नेवर…नेवर। पीएम मोदी का भारत कभी कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं होगा। इनको बेसिक समझदारी भी नहीं है। स्पीकर ने कई बार चेयर घेरी गई, कागज फेंके गए, लेकिन वह मुस्कराते रहे।
अनुराग ठाकुर बोले…विपक्ष ने
लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया…

अनुराग ठाकुर ने कहा कि इनकी सरकार बंद कमरे में चलती थी। लोकतंत्र का गला घोटने का काम इन्होंने किया था। नेहरू जी ने पहली संशोधन में मीडिया का गला घोंटने का काम किया। आपने लोकतंत्र का गला घोटा। 5 साल के राज्यसभा के टर्म को 6 साल का कर दिया। मीसा लगाया गया। उन्हें जेल में डाल दिया गया। 2012 में इनके मंत्री ने हाउस एडजर्न के लिए स्पीकर से कहा था। सदन आने से 2 दिन पहले आप ऑर्डिनेंस लेकर आते थे। अटल जी भी नेता प्रतिपक्ष थे। पाकिस्तान को करार जवाब नेता प्रतिपक्ष ने दिया था। विदेश में भारत का सिर ऊंचा किया था। भारत के अगर आपकी लड़ाई है तो आईएसआई और आईएनएस में क्या फर्क रह गया है।


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