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नई दिल्ली@केमिकल-फ्री और नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देकर कृषि निर्यात बढ़ाने पर जोर : पीएम मोदी

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नई दिल्ली,06 मार्च 2026 । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और भारत को इस अवसर का लाभ उठाते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादों को निर्यात उन्मुख बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ‘कृषि एवं ग्रामीण परिवर्तन’ विषय पर आयोजित पोस्ट बजट वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक डाइट,ऑर्गेनिक फूड और समग्र स्वास्थ्य देखभाल के प्रति लोगों की रुचि बढ़ रही है। ऐसे में भारत के किसानों के लिए प्राकृतिक खेती और केमिकल-फ्री उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंचने का एक‘हाईवे’ बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए प्रमाणन,प्रयोगशालाओं और आवश्यक ढांचे के विकास पर विचार कर रही है, लेकिन इस दिशा में सभी संबंधित पक्षों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल एक फसल पर निर्भर रहने से किसानों के लिए जोखिम बढ़ जाता है और आय के विकल्प सीमित हो जाते हैं। इसी कारण सरकार फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दे रही है। खाने के तेल और दालों के लिए राष्ट्रीय मिशन तथा प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन जैसे प्रयास कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ है। इसी सोच के साथ सरकार ने पिछले वर्षों में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर केरल और तमिलनाडु में बड़ी मात्रा में नारियल का उत्पादन होता है,लेकिन कई स्थानों पर पेड़ पुराने हो चुके हैं और उनकी उत्पादकता कम हो गई है। इसलिए बजट में नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों में टेम्पर्ड नट फसलों को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव किया गया है। जैसे-जैसे निर्यात उन्मुख उत्पादन बढ़ेगा, वैसे-वैसे प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
संस्थागत ऋण की पहुंच 75 प्रतिशत से अधिक किसानों तक हो चुकी
पीएम मोदी ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में सुधार के कारण किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना तक लाभ मिल रहा है। संस्थागत ऋण की पहुंच 75 प्रतिशत से अधिक किसानों तक हो चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग दो लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटारा किया गया है। इन पहलों के कारण किसानों का जोखिम कम हुआ है और कृषि क्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ा है।
कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ
पीएम मोदी ने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ है। इसी सोच के साथ सरकार ने पिछले वर्षों में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत करीब 10 करोड़ किसानों को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है, जिससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिली है।


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