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बैकुण्ठपुर@21 साल में 17 सीईओ बदले गए वर्तमान सरकार साढ़े तीन वर्ष में 10 सीईओ बदले

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जिला गठन के 24 साल में कुल 27 सीईओ बदले जिसमें से 10 सीईओ 3 साल में बदल गए
3 साल में बदल चुके 10 जनपद सीईओ,आखिर क्या है वजह?
बैकुंठपुर जनपद में ऐसा क्या चल रहा है कि नहीं टिक पा रहें हैं सीईओ?
बैकुंठपुर जनपद के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों की शिकायतों की जांच आज भी है लंबित?
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 23 मई 2022 (घटती-घटना)।
तीन साल में बदल चुके 10 जनपद सीईओ, आखिर क्या है वजह? बैकुंठपुर जनपद में ऐसा क्या चल रहा है कि नहीं टिक पा रहें हैं सीईओ? बैकुंठपुर जनपद के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों की शिकायतों की जांच आज भी है लंबित? 3 साल के भीतर 10 वें सीईओ होंगे विनय कुमार कश्यप, इनका कार्यकाल कितने दिन का होगा यह वक्त बताएगा। जिला गठन के 24 साल में कुल 27 सीईओ बदले जिसमें से 10 सीईओ 3 साल में बदल गए। सवाल यह है कि 21 साल में 17 सीईओ बदले पर 3 साल में 10 सीईओ बदल चुके। अनुमान लगाया जाए तो प्रत्येक सीईओ का तीन सालों के भीतर 3 महीनों का रहा कार्यकाल। सीएम के दौरे को लेकर सभी पंचायतों को जारी हुआ नया फरमान। 15वें वित्त के खर्च को लेकर पंचायतों से 6 महीना पहले ही मंगा ली गई कार्य योजना। अब कार्य योजना में नए कार्य को जोडऩे बनाया जा रहा दबाव, सरपंच सचिव परेशान।
बैकुंठपुर जनपद पंचायत कार्यालय के सीईओ लगातार बदले जा रहें हैं और विगत तीन सालों में 10 सीईओ बदले जा चुके हैं अनुमान लगाया जाए तो एक सीईओ का कार्यकाल तीन महीने से ज्यादा का नहीं रहा। आखिर बैकुंठपुर जनपद पंचायत में सीईओ क्यों नहीं टिक पा रहें हैं यह एक प्रश्न लगातार उठ रहा है। बैकुंठपुर जनपद पंचायत में सीईओ का पद प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर के लिए तय है और जो भी प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर जिले में पदस्थ होते हैं उन्हें ही यह दायित्व प्रदान किया जाता है, लगातार सीईओ बदले जाने से जनपद पंचायत का कार्य भी प्रभावित हो रहा है और जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायतों के भी विभिन्न कार्यों पर असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर विभिन्न ग्राम पंचायतों की जांच पर पड़ रहा है जिनकी अनियमितताओं की शिकायतें हैं और लगातार सीईओ बदले जाने की वजह से वह पूर्ण नहीं हो पा रहा है।
ग्राम पंचायतो की
नई समस्या
सीएम के दौरे को लेकर स्कूलों के मरम्मत कार्य के लिए सरपंच को 15 वे वित्त कराने को बोला जा रहा है जबकि सरपंच के द्वारा 15वें वित्त के पैसे की कार्य योजना पहले से बना कर जमा कर दी गई है अब नए कार्य योजना जमा करने कानात उनके पास समय है और ना ही किसी कार्य को काटकर उसे अर्जेस्ट करने की कोई गुंजाइश ऐसे में सवाल यह उठता है कि उन कार्यों के लिए अलग से पैसा क्यों नहीं दिया जा रहा उसी पैसे से ही सब कुछ चकाचक कराकर सीएम को दिखाने का प्रयास किया जा रहा है जिसे लेकर पंचायत स्तर पर विरोधाभास की स्थिति है।
चेक नहीं कटने से
ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि परेशान
जनपद पंचायत के सीईओ का बार बार तबादला होना ग्राम पंचायतों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दिया है, निर्माण तो हो रहे हैं पर उसका चेक नहीं कट पा रहा, तो कहीं प्रस्ताव बना हुआ है तो प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पा रहा, पंचायत के कई काम इस वजह से अटक गए हैं जिसे लेकर पंचायत प्रतिनिधि व सचिव काफी परेशान है यदि ऐसा ही चलता रहेगा तो ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कछुए की चाल में पूर्ण होगा।


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