लद्दाख , 03 जनवरी 2022 (ए)।गलवान घाटी में चीन की करतूतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. नए साल की शुरुआत पर गलवान घाटी में अपना राष्ट्रीय झंडा फहराने वाला ड्रैगन अब लद्दाख की पैंगोंग झील के अपने कब्जे वाले इलाके में एक पुल का निर्माण कर रहा है. एलएसी के बेहद करीब यह निर्माण कार्य करीब दो महीने से चल रहा है, जिसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों के लिए जरिए हुआ है. यह पुल पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों को जोड़ेगा, जिससे चीनी सेना को दोनों तरफ कम से कम समय में पहुंच सकेगी.
भारत ने अगस्त 2020 में दक्षिणी किनारे पर महत्वपूर्ण कैलाश रेंज पर प्रमुख चोटियों पर कब्जा कर लिया था, जिससे भारतीय सैनिकों को एक रणनीतिक लाभ मिला था. हालांकि, पिछले साल फरवरी में दोनों देशों की सेनाएं आपसी चर्चा के बाद पैंगोंग झील के दोनों किनारों से पीछे हट गई थीं.
इस पुल के बनने से चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी को पैंगोंग झील में विवादित क्षेत्रों तक पहुंच बनाने में काफी आसानी हो जाएगी. इससे झील के दोनों छोरों की दूरी 200 किमी से घटकर 40-50 किमी तक रह जाएगी. पैंगों त्सो झील का एक तिहाई हिससा भारत के लद्दाख और शेष भाग तिब्बत में पड़ता है.
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