नई दिल्ली , 31 दिसंबर 2021 (ए) । दुनियाभर में कोरोना और ओमिक्रॉन ने दहशत मचा रखी है. इसी बीच इजराइल में फ्लोरोंजा का पहला केस मिला है. फ्लोरोना कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का डबल इंफेक्शन है.
इजरायल स्वास्थ्य मंत्रालय अभी भी मामले के बारे में अध्ययन कर रहा है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि क्या दो वायरस का संयोजन अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों का अनुमान है कि अन्य रोगियों में भी फ्लोरोना मौजूद हो सकता है जो जांच न होने के चलते सामने नहीं आया। इजरायल दुनिया का पहला और फिलहाल अकेला देश है जहां कोरोना से बचाव के लिए दो बूस्टर डोज लगाई जा रही हैं।
इजरायल में शुरू हुआ चौथी खुराक का परीक्षण
इजरायल में कोरोना वैक्सीन की चार खुराकें लगाई जा रही हैं। बीते दिनों इजराइल ने टीके की चौथी खुराक देने का परीक्षण शुरू कर दिया। माना जा रहा है कि यह अपने तरह का पहला अध्ययन है। राजधानी तेल अवीव के बाहरी इलाके में स्थित शिबा मेडिकल सेंटर में 150 चिकित्सा कर्मियों पर परीक्षण की शुरुआत हुई जिन्हें अगस्त में बूस्टर (तीसरी) खुराक लगी थी, उन्हें फाइजर/बायोनटेक टीके की चौथी खुराक दी जा रही है।
तीसरी खुराक के बाद कम हुआ एंटीबॉडी का स्तर
कर्मियों को दी गई अतिरिक्त खुराक की जांच की गई और पाया गया कि उनके शरीर में एंटीबॉडी का स्तर कम है। यह परीक्षण ऐसे समय शुरू हुआ है जब इजरायली अधिकारी देश की आबादी को दूसरी बूस्टर (चौथी खुराक) खुराक देने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि ओमीक्रोन स्वरूप से देश से संक्रमण बढ़ रहा है। शिबा चिकित्सा केंद्र में हृदय प्रतिरोपण विभाग के पूर्व निदेशक प्रोफेसर जैकब लावी ने कहा, ‘उम्मीद है कि हम साबित कर सकेंगे कि चौथी खुराक वास्तव में ओमीक्रोन से सुरक्षा मुहैया कराती है और इसकी बहुत जरूरत है।’
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