Breaking News

संपादकीय

लेख@स्वस्थ जीवन एवं स्वस्थ पर्यावरण का आधार है साइकिल

हर वर्ष 3 जून को मनाया जाने वाला विश्व साइकिल दिवस केवल एक साधारण वाहन के सम्मान का अवसर नहीं है,बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण,सामाजिक समानता और सतत विकास के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन,प्रदूषण,बढ़ती बीमारियों और यातायात संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है,तब साइकिल एक ऐसे सरल समाधान के रूप …

Read More »

संपादकीय@बंगाल में हिंसा

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के तत्काल बाद जो हिंसा हुई थी और जिसमें भाजपा एवं तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर हमले किए थे,वह करीब-करीब थम गई थी,लेकिन पिछले दिनों जिस तरह टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ और गत दिवस इसी पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी भी भीड़ के आक्रोश एवं पथराव का शिकार हुए,वह …

Read More »

लेख@जब ट्रेंड तय करने लगे जनमत

लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जनमत होता है। यह जनमत किसी एक दिन या एक चुनाव के दौरान निर्मित नहीं होता, बल्कि समाज में निरंतर चलने वाले संवाद,बहस,विचार-विमर्श,सामाजिक अनुभवों,राजनीतिक चेतना और नागरिक भागीदारी की लंबी प्रक्रिया से आकार लेता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का सूचित निर्णय, विभिन्न विचारों का आदान-प्रदान और असहमति के प्रति सम्मान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता …

Read More »

लेख@क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता कोरा बुलबुला है या वास्तविक चुनौती?

मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसी क्रांतियां हुई हैं जिन्होंने जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदल दिया। कृषि क्रांति ने मनुष्य को स्थायित्व दिया, औद्योगिक क्रांति ने उत्पादन और श्रम की परिभाषा बदली,सूचना क्रांति ने ज्ञान और संचार की सीमाएं समाप्त कर दीं। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की क्रांति मानव इतिहास के एक नए मोड़ पर …

Read More »

लेख@गर्मी में प्यास,बारिश में सैलाबः विकास के मॉडल पर बड़ा सवाल

21वीं सदी की क्रूर विडंबनाः- गर्मी में जल-मृत्यु, बारिश में जल-तांडवजल संकट और जल प्रलय का दोहरा चक्र —अब कब तक चलेगी यह विडंबना?21वीं सदी का भारत एक कड़वी विडंबना के दौर से गुजर रहा है। एक ओर देश अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयां छू रहा है, तो दूसरी ओर करोड़ों लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे हैं। …

Read More »

लेख@माता पिता आपके लिए एक अच्छे मार्गदर्शक है…

बच्चे के भावनात्मक,सामाजिक और संज्ञानात्मक विकास को आकार देने में माता-पिता दोनों की उपस्थिति और भागीदारी की अहम भूमिका होती है। जहाँ हर माता-पिता पालन-पोषण के सफ़र में अपनी अनोखी खूबियाँ लाते हैं,वहीं उनका मिला-जुला प्रभाव एक संतुलित और पोषण भरा माहौल बनाने में मदद करता है। पिता और माँ की भूमिकाएँ अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन बच्चे के जीवन …

Read More »

लेख@गाय का दूध है धरती का अमृत

हर्षि चरक के अनमोल वचनों के अनुसार गाय का दूध इस धरती का अमृत है जिससे बनने वाले दही,मक्खन,घी तथा छाछ (मट्ठा)-ये सभी मन,बुद्धि को सात्ति्वक बनाकर हमारी विवेक शक्ति, ओज, ऊर्जा, कान्ति की वृद्धि करते है जिसका प्रत्यक्ष भगवान श्रीकृष्ण अवतार के समय प्रत्येक घर गोपालन होता था ओर कृष्ण ने बचपन में गायों को विशेष महत्व दिया जिससे …

Read More »

लेख@अमूल्य जीवन से ज्यादा महत्व शरीर गलाते मौत के शौक को…

हमें अपने आसपास आसानी से प्राप्त होने वाला जहर है तंबाकू,हम सभी इसके बारे में,इससे होनेवाली जानलेवा बीमारियां और खतरों के बारे में अच्छे से जागरूक हैं। टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर तंबाकू के प्रति जागरूकता विज्ञापन देखते रहते हैं। साधारणतः अनपढ़ से लेकर उच्च शिक्षित तक,हर वर्ग,हर उम्र के लोग इसके नुकसान के बारे में जानते है,परंतु गंभीरता …

Read More »

लेख@तंबाकू छोड़ो जीवन से नाता जोड़ो

तंबाकू छोड़ो जीवन से नाता जोड़ो के इतिहास की बात करे तो सन 1492 में क्रिस्टोफर कोलंबस ने पहली बार सैन साल्वाडोर द्वीप पर तंबाकू की खोज की थी। और अपनी दूसरी यात्रा के दैरान स्पेन में तंबाकू के पते लेकर आए। सन1558 में तंबाकू के बीज पूरे यूरोप महाद्वीप में फैल गए और उपनिवेशवादियों के आक्रमण के साथ धीरे …

Read More »

संपादकीय@ विधायक बनाम तहसीलदार, सुशासन की मेज पर फेंकी गई फाइल, या सिस्टम की सड़ चुकी आत्मा?

विधायक VS तहसीलदार, फाइल फेंकने से लेकर गिरफ्तारी ड्रामे तक, आखिर कब सुधरेगा जनता को नौकर समझने वाला सिस्टम?लेख by रवि सिंह- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार के बीच हुआ विवाद अब सिर्फ मारपीट, एफआईआर और गिरफ्तारी का मामला नहीं रह गया है, यह घटना उस सड़े हुए प्रशासनिक ढांचे का एक्स-रे …

Read More »