Breaking News

लेख@कॉकरोच जनता पार्टी का बिगुल जंतर मंतर का आंदोलन

Share


भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है। जिसमें जनता द्वारा चुने गए जनता के प्रतिनिधि जनता के लिए काम करते हैं। लोकतंत्र के अंतर्गत देश के प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्र रूप से अभि व्यक्ति,अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का अधिकार है। ये अधिकार और प्रणाली देश की जनता को सशक्त करती है । सुप्रीम कोर्ट के जज द्वारा की गई एक टिप्पणी ने युवा पीढ़ी को इस कदर झंझोड़ दिया कि इस पीढ़ी ने कॉकरोच जनता पार्टी का गठन कर लिया। देश की राजधानी दिल्ली,दिनांक 6 जुलाई 2026 ,कॉकरोच जनता पार्टी के निर्माता अभिजीत दीपके की देश वापसी और उसके नेतृत्व में किए जाने वाले आंदोलन को लेकर गरमाई देखी ।इस आंदोलन का हिस्सा सोनम वागचुक भी रहे। एक बड़ी तादात में जंतर मंतर पर इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए देश के सभी राज्यों से लोग पहुंचे। नीट पेपर और अन्य कई मामले जो शिक्षा,परीक्षाओं से संबंधित है। उन सभी मामलों में हुई लापरवाही के एवज में यूनियन मिनिस्टर ऑफ एजु केशन धर्म प्रधान से इस्तीफे की मांग की जा रही है। देश का युवा सरकार से लगातार लीक होते पेपर के कारण उन विद्यार्थियों के लिए न्याय की मांग कर रहे है जो निराशा के अन्धकार में डूब आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद आज विद्यार्थियों,युवा पीढ़ी को अपना भविष्य सुरक्षित नहीं दिखता । वह देश के सिस्टम के प्रति उदासीन दिखाई पड़ते है। राजधानी दिल्ली के अतिरिक्त पानीपत तथा अन्य कई जगहों पर भी इस आंदोलन के सपोर्ट में युवा पीढ़ी की एकजुटता देखने को मिली। इतिहास गवाह है कि देश का असंतोष युवा तख्त पलटने की ताकत रखता है । कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा किया गया कामयाब शांति पूर्ण आंदोलन देश के प्रतिनिधियों के लिए एक बिगुल है जिस की आवाज अब दूर दूर तक सुनाई दे रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि का कहना है कि यह आंदोलन एक शुरुआत है। आगे अब वह देश के समस्त राज्यों तक पहुंच युवा पीढ़ी और देश से जुड़ी समस्याओं के लिए आवाज उठाते रहेंगे।


केशी गुप्ता
द्वारका,नई दिल्ली


Share

Check Also

लेख@आधुनिक दुनिया और इंसानियत की पुकार

Share कभी-कभी बैठकर मैं सोचती हूँ कि वक्त के साथ यह दुनिया कितनी बदल सी …

Leave a Reply