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संपादकीय

लेख@ कृत्रिम बुद्धिमत्ता:नवाचार की उड़ान या बौद्धिक चोरी का यंत्र

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज नई रचनात्मकता का माध्यम बन चुकी है, पर यह बहस का विषय है कि क्या यह नवाचार, रचनाकारों की मेहनत की चोरी पर टिका है? अमेरिका में अदालतों ने एआई द्वारा ‘सीखी गई’ सामग्री को उचित प्रयोग माना, पर रचनाकार असंतुष्ट हैं। भारत में समाचार एजेंसी एएनआई ने ओपनएआई के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत की …

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लेख@ ऐसे थे जननायक प्रधानमंत्री चंद्रशेखर

चाह गई चिंता मिटी मनुआ बेपरवाह जाको कछु ना चाहिए वो शाहन के शाह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रद्धेय द्वारिका प्रसाद जी का चंद्रशेखर के बारे में यह कथन तथा चंद्रशेखर जी का बार-बार यह कहना-खुल खेलो संसार में बाध सके न कोय,घाट जकाती क्या करे जो सिर बोझ न होय।उनके चरित्र को पूर्ण रूप से परिभाषित करने के लिए …

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लेख@निःस्वार्थ प्रेम में सृजन छुपा होता है…

जब तक मानव का अस्तित्व है तब तक प्रेम का स्वरूप धरा पर मौजूद रहेगा।प्रेम ही एक ऐसा भाव है जो मनुष्य के जीवन में निस्वार्थ शब्द को परिभाषित करता है। एक मां नौ माह तक अपने बच्चें को कोख में रखती है और बड़े होते तक हर समस्याओं से लड़ कर बच्चें को तैयार करती है।एक मां कभी अपेक्षा …

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लेख@ साथ आये उद्धव-राज ठाकरे की मराठी मानुषों पर सियासी नजर

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खेला हुआ है। दशकों से सियासत की दुनिया में एक-दूसरे के दुश्मन बने दो भाई एक हो गये हैं। बात राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ आने की हो रही है। दोनों भाइयों ने एक साथ आने पर एक सुर में प्रतिक्रिया व्यक्त की। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने कहाकि जो …

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लेख@अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस बेअसर-सहकारिता को उखाड़ फेकने वाले भ्रष्ट अधिकारियों ने थाम रखी है बागडोर

सहकारिता के माध्यम से एक बेहतर विश्व का निर्माण किये जाने का लक्ष्य लिए वर्तमान में 1 जुलाई से 6 जुलाई तक अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाकर पुरे देश में सहकारिता के उद्देश्य पर राजनेताओं और अधिकारीयों ने बढ़चढ़ बात प्रचार-प्रसार कर अख़बारों में फ़र्जी आंकड़ों से स्यँव को महिमामंडित करने की ओपचारिकता का निर्वहन किया जा रहा है,जबकि मध्‍यप्रदेश सरकार …

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लेख@ मोदी-शाह की जोड़ी ने साकार किया डा.श्यामप्रसाद मुखर्जी का अखंड सपना

आज़ादी के साथ कश्मीर समस्या हमें विरासत में मिली थी जो भारत के लिए नासूर बन गई थी। आज़ादी के बाद पं. जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में बनी सरकार ने तुष्टीकरण की नीति के चलते जम्मू-कश्मीर में संविधान की धारा 370 लगा कर उसे विशेष दर्जा प्रदान कर दिया था। धारा 370 भारतीय संविधान का एक विशेष अनुच्छेद है,जिसके चलते …

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लेख@ श्यामा प्रसाद मुखर्जीः राष्ट्र के चरमोत्कर्ष की यज्ञवेदी पर प्राणोत्सर्ग

डां श्यामाप्रसाद मुखर्जी ऐसे महान देशभक्त थे जिन्होंने राष्ट्र के चरमोत्कर्ष,एकता और अखण्डता की यज्ञवेदी पर अपना प्राणोत्सर्ग कर दिया। वह एक साथ ही शिक्षाविद्, लेखक,सासंद, राजनीतिज्ञ और मानवतावादी कट्टर देशभक्त थे। इन्होंने विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की और शीध्र ही एक प्रख्यात शि‍क्षाविद् और प्रशासक के रूप में प्रतिष्ठित हो गए। उनकी इस उपलब्धि को मान्यता उस …

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कहानी@ योग्यता

रागिनी! लाओ तुम्हारे पास जितनी भी पढ़ाई लिखाई और स्पोर्ट्स वगैरह की डिग्री हैं, सभी ले आओ। रागिनी की सासू माँ आरती की थाली दिखाती हुई बोली। रागिनी चौंक गई! मम्मी जी; आप मेरी डिग्री का क्या करेंगी? भला आप का क्या लेना देना है उससे? रागिनी अपने मोबाइल में अंगूठा सरकाती हँसती हुई बोली।आरती की थाली पूजा स्थान में …

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लेख@ अखिलेश की बदलती राजनीति,सावन में काशी से हिंदुत्व का दांव

2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव हर हाल में सत्ता में वापसी की जुगत में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश की सियासत में सपा का आधार लंबे समय तक मुलायम सिंह यादव द्वारा स्थापित मुस्लिम-यादव (एम-वाई) समीकरण रहा है। इस समीकरण के सहारे मुलायम सिंह तीन बार और अखिलेश यादव …

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लेख@ बारिश का कहर: प्रकृति का विक्षोभ या विकास की विफलता

बीते कुछ वर्षों में पहाड़ों में बारिश एवं बादल फटना अब डर, कहर और तबाही का पर्याय बन गई है। उत्तराखंड,हिमाचल प्रदेश, सिक्किम,और पूर्वोत्तर के अन्य पहाड़ी राज्यों में हर वर्ष मानसून के साथ भयावह भूस्खलन,बादल फटना,पुल बहना और सड़कें टूटना एक आम दृश्य बन गया है। यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थागत विफलता, सरकारी निर्माण की …

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