3 सितंबर 1964 को मथुरा में जन्में मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वाणिज्य और कानून में जेएच गवर्नमेंट कॉलेज,बैतूल से स्नातक हैं। उन्हें संगठन निष्ठा, राजनीति और समाजसेवा के संस्कार अपने पिता विजय कुमार खंडेलवाल से विरासत में मिले। हेमंत खंडेलवाल को बैतूल में ‘विकास पुरुष’ कहा जाता है। विधायक रहते हुए उन्होंने कभी सुरक्षा गार्ड …
Read More »संपादकीय
लेख@ महिला आरक्षण की दहलीज पर लोकतंत्र
अब दलों को जिम्मेदारी उठानी होगी2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत में राजनीति के स्वरूप को बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। हालांकि इसका क्रियान्वयन 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संभव है, लेकिन यह तभी सफल होगा जब राजनीतिक दल अभी से महिलाओं के लिए अनुकूल वातावरण बनाएँ। केवल आरक्षित सीटें देना पर्याप्त नहीं; दलों को आंतरिक कोटा, …
Read More »कविता @बाबा बन जातेंव …
रोजगार बिन भटकत हावँव,कास महूँ बाबा बन जातेंव।डिग्री-सिग्री म का राखे हे,बाबागिरी कर नाँव कमातेंव।चेला होतिन मोरो अब्बड़,आश्रम खोल धाम लगातेंव।बइठ के आसन गद्दी मँय हा,भक्तन मन ला ताली बजवातेंव।कास महूँ बाबा बन जातेंव पाप-पुण्य के डर देखाके,सरग-नरक के बात बतातेंव।होतिस रोजे जय-जयकार,अंतर्यामी मँय कहलातेंव।।कास महूँ बाबा बन जातेंव…सुना-सुनाके पोथी पुरान,आनी-बानी स्वांग रचातेंव।परतिन मोरो पँवरी सब झन,भूत-भविष्य मँय देखातेंव।।कास महूँ …
Read More »कविता @जागौ गा जवान …
लालची मन के माथ ला तुम ला झुकाना हे।मेहनत के ही रोटी संगी हम सब ला खाना हे।।दहेज के करई खिलाफ एकदम हावै आसान।पढ़ें लिखे के दे पहचान एकर ले का हे आसान।।मां बाप बेटा के देख योग्यता होगे हावै स्वार्थी।शुरूआत तंही कर अउ बन जा पहली परमार्थी।।अपन संग प्रकृति के बारे मा तो तंय सोंच।एकात ठन पेड़ ला धरती …
Read More »लेख@व्हाइट कोट के पीछे:अस्पताल के बाहर एक डॉक्टर का जीवन
एक डॉक्टर की छवि अक्सर एक अस्पताल की बाँझ दीवारों तक सीमित होती है, एक सफेद कोट में पहने, हाथ में स्टेथोस्कोप, बीमारियों से जूझ रहा है और जीवन को बचा रहा है। हालांकि यह निर्विवाद रूप से उनके अस्तित्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, यह एक समृद्ध, जटिल और अक्सर आश्चर्यजनक रूप से साधारण जीवन का केवल एक पहलू …
Read More »लेख@ जीरो डोज बच्चे:टीकाकरण में छूटे हुए भारत की तस्वीर
भारत में 2023 में 1.44 मिलियन बच्चे‘ज़ीरो डोज़’श्रेणी में थे, जिनमें अधिकांश गरीब, अशिक्षित, जनजातीय, मुस्लिम और प्रवासी समुदायों से आते हैं। भूगोलिकअवरोध,सामाजिक हिचकिचाहट,शहरी झुग्गियों में अव्यवस्थित शासन और निगरानी की कमी प्रमुख चुनौतियाँ हैं। मिशन इंद्रधनुष जैसी योजनाएँ सीमित प्रभावी रही हैं। समाधान के लिए समुदाय-आधारित सहभागिता, तकनीक आधारित ट्रैकिंग,प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन संचार आवश्यक है। जब …
Read More »@कविता @ हूँ कौन मैं…
हूँ कौन और किस लिए धरा पर उस ईश्वर ने मुझे उतारा है।उसकी मर्जी वो ही जाने,सब उसका ही इशारा है।।नाम समान ही अमित अथाह मैं,उग्र नदी का जल प्रवाह मैं।लहरों सी आशाएं हरपल मन रहूं समेटे,विषधर जैसे डस लूं उनको,मुझसे गर कोई ऐंठे।।धरती जैसी सहनशीलता,सूरज जैसा गुस्सा।कभी कहीं मैं बिलकुल बुद्धू,अकल पड़ा ज्यों भूसा।।रहूं अटल हिमवान सरिस, पर तृण …
Read More »@कविता@अभिमान मत करो…
आज हालात बहुत अच्छे हैंहमेशा अच्छे नहीं रहेंगेइस बात का अभिमान मत करो!अगर आज आप जवान होहमेशा तो जवान रहोगे नहींइस बात का अभिमान मत करो!आज अगर बहुत धन दौलत हैहमेशा तो इतनी रहेगी नहींइस बात का अभिमान मत करो!आज अगर लोग बहुत इज्जत करते हैंहमेशा तो ऐसे इज्जत करेंगे नहींइस बात का अभिमान मत करो!आज अगर परिवार में हुकुम …
Read More »लेख@प्रकृति का रौद्र रूप कहीं बाढ़ कहीं भूस्खलन सटीक आपदा प्रबंधन की दरकार
भारत में वर्षाकाल मे भीषण प्राकृतिक वर्षा के फलस्वरुप बाढ़ भूस्खलन और नदियों में उफान आने से उत्तरांचल ,उत्तराखंड,असम,मेघालय, दिल्ली और पंजाब भीषण त्रासदी झेल रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु भी हो गई है। देश के साथ एकसाथ विश्व में कई देशों में अतिवृष्टि से बाढ़ का प्रकोप होता है लैंड स्लाइडिंग भी होती है पर …
Read More »@ 62 वीं जन्म दिवस पर विशेष 1 जुलाई हेतु लेख@सरल-सहज व्यक्तित्व के धनी सबल कृषक रहे त्रिलोचन मुन्ना दास लहरे
बचपन की कुछ यादें आज भी मन को उमंगित करता है ।बचपन में अक्सर पिता के पास रोकर किसी भी बात को मनवा लेना बड़ी बात नहीं होती है पर युवा अवस्था में पिता से कह पाना भी संभव नहीं होता है पर पिता पुत्र की वो सारी बातें समझ जाता है और वो सारी सुख सुविधा हर प्रयास देने …
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घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur