,जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठे सवाल
छिंगरा, कर्री, रजपुरी, भलुवार और अमहर के जंगलों में बेखौफ सक्रिय वन माफिया
-राजन पाण्डेय-
सोनहत/कोरिया,15 जून 2026(घटती-घटना)। सोनहत वन परिक्षेत्र के घने जंगल इन दिनों अवैध कटाई के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं,क्षेत्र के छिंगरा,कर्री,रजपुरी,भलुवार और अमहर सहित कई इलाकों में साल और सागौन जैसी बेशकीमती लकडि़यों की लगातार कटाई किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन माफिया जंगलों में बेखौफ होकर सक्रिय हैं, जबकि वन विभाग का मैदानी अमला प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है,ग्रामीणों का कहना है कि जिन जंगलों की रक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग पर है, वहीं आज सबसे अधिक असुरक्षित नजर आ रहे हैं। लगातार हो रही कटाई से जंगलों का स्वरूप बदल रहा है और पर्यावरणीय संतुलन पर भी खतरा मंडराने लगा है।
जंगलों में नहीं दिख रही निगरानी
स्थानीय लोगों के अनुसार वन विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने के बजाय मुख्यालय तक सीमित दिखाई देते हैं, जंगलों में निगरानी और गश्त की कमी का फायदा उठाकर लकड़ी तस्कर खुलेआम पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं, ग्रामीणों का आरोप है कि यदि नियमित गश्त और निगरानी होती तो इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कटाई संभव नहीं होती। वन विभाग की निष्कि्रयता के कारण तस्करों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
जब्त लकडि़यां खुले में सड़ रहीं,राजस्व को हो रहा नुकसान
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल केवल अवैध कटाई तक सीमित नहीं हैं, क्षेत्र में पूर्व में जब्त की गई कीमती लकडि़यों के लंबे समय से खुले में पड़े रहने की भी शिकायतें सामने आई हैं, जानकारों का कहना है कि नियमानुसार जब्त लकडि़यों को समय पर काष्ठागार भेजा जाना चाहिए या नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर राजस्व अर्जित किया जाना चाहिए, लेकिन लंबे समय से लकडि़यों के खुले में पड़े रहने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और विभाग को संभावित राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दावानल के बाद अब अवैध कटाई पर भी सवाल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ समय पहले जंगलों में लगी आग की घटनाओं के दौरान भी वन विभाग की सक्रियता सवालों के घेरे में रही थी, अब अवैध कटाई के लगातार सामने आ रहे मामलों ने विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर प्रश्नचिह्न लगा दिया है,लोगों का कहना है कि यदि जंगलों को आग से बचाने और अवैध कटाई रोकने दोनों मोर्चों पर विभाग प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहा है,तो वन संरक्षण के दावों की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
देवगढ़ रेंज के घुघरा क्षेत्र में भी कटाई की शिकायत
सोनहत क्षेत्र के अलावा देवगढ़ रेंज के घुघरा इलाके में भी यूकेलिप्टस (नीलगिरी) के पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायतें सामने आई हैं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां भी वन माफिया सक्रिय हैं और बिना किसी डर के पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने वन विभाग की गश्त, निगरानी व्यवस्था और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार्रवाई की मांग तेज
क्षेत्रवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है,उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र के जंगलों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है,अब लोगों की नजर वन विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हुई है कि वे जंगलों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाते हैं या फिर अवैध कटाई का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है।
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