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बतौली@जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष : धान बुआई के दौरान ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या,8 आरोपी गिरफ्तार….

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-संवाददाता-
बतौली,15 जून 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिलमा चिटकाही में वर्षों से चल रहा जमीन विवाद रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। विवादित भूमि पर धान बुआई को लेकर हुए टकराव में एक व्यक्ति की कथित रूप से ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार मृतक होंशराम पैंकरा और दूसरे पक्ष के भुवनेश्वर पैंकरा के बीच लंबे समय से भूमि स्वामित्व और कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। राजस्व अभिलेखों में नामांतरण और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद भी दोनों पक्ष उक्त भूमि पर अपना दावा करते रहे।
एक दिन पहले की गई थी धान बुआई : बताया जा रहा है कि मृतक होंशराम और उनकी पत्नी धनेश्वरी पैंकरा ने 13 जून को विवादित खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर धान की बुआई की थी। इसकी जानकारी मिलने पर अगले दिन दूसरे पक्ष के लोग भी ट्रैक्टर लेकर खेत में पहुंच गए और धान बुआई का कार्य शुरू कर दिया। इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया।
ट्रैक्टर से कुचलने का आरोप : प्रार्थिया धनेश्वरी पैंकरा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। आरोप है कि सभी आरोपी एकमत होकर मृतक होंशराम को खेत की मेड़ से नीचे धकेल दिए और इसके बाद ट्रैक्टर चालक उमेश ने ट्रैक्टर से टक्कर मार दी। रिपोर्ट के मुताबिक होंशराम बचने का प्रयास करते हुए ट्रैक्टर के बंपर से लटक गए, लेकिन गिरने के बाद ट्रैक्टर दोबारा उनके ऊपर चढ़ा दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
राजस्व विवाद ने ली जान : स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि को लेकर विवाद हुआ, वह कई वर्षों से न्यायालय और राजस्व विभाग में विचाराधीन रही है। ऐसे मामलों में प्रशासनिक स्तर पर समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकल पाने के कारण अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी रहती है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि भूमि विवादों के संवेदनशील मामलों में प्रशासन द्वारा निगरानी और समयबद्ध समाधान कितना प्रभावी है।
8 आरोपी गिरफ्तार : पुलिस विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है—
– भुवनेश्वर पैंकरा (80 वर्ष)
– बजरंग लाल पैंकरा (60 वर्ष)
– रघुनंदन पैंकरा (52 वर्ष)
– मनोज कंवर (35 वर्ष)
– उमेश पैंकरा (23 वर्ष)
– बोधन पैंकरा (37 वर्ष)
– कमलेश्वरी पैंकरा (60 वर्ष)
– प्यारी पैंकरा (50 वर्ष)
सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई : डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन में थाना बतौली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर, लाठी-डंडे सहित अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूमि विवादों की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है। सवाल यह है कि यदि वर्षों से चल रहे विवादित भूखंडों का समय रहते समाधान हो जाए तो क्या ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोका जा सकता है? सरगुजा में हुई यह घटना बताती है कि खेत की मेड़ पर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में एक परिवार का सहारा छीन सकता है। अब सभी की निगाहें न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस विवेचना पर टिकी हैं कि दोषियों को कितनी जल्दी और कितनी कठोर सजा मिलती है।


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