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संपादकीय

@कविता@ढूँढ सको तो ढूँढ लो…

हर रात के पीछे सवेरा छुपा होता हैढूंढ सको तो ढूंढ लो!हर बेगाने के पीछे अपना छिपा होता हैढूंढ सको तो ढूंढ लो!हर गम के पीछे ख़ुशी छुपी होती हैढूंढ सको तो ढूंढ लो!हर असफलता के पीछे सफलता छुपी होती हैढूंढ सको तो ढूंढ लो!हर पतझड़ के पीछे बसंत छुपा होता हैढूंढ सको तो ढूंढ लो!हर कमजोरी के पीछे ताकत …

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@कहानी@अफसाना,अंगूठियों का संदूकचा

कश्मीर की बर्फ¸ से ढकी वादियों में,मैं अक्सर अपनी फोर व्हीलर में सामान लेकर जाता था। एक दिन,गाड़ी एक सुनसान पहाड़ी रास्ते में खराब हो गई। जब मरम्मत की कोई सूरत नज़र नहीं आई,तो मैंने अपने हेल्पर को गाड़ी के पास छोड़ दिया और खुद मदद की तलाश में नीचे गाँव की ओर उतर आया। रास्ते में एक आदमी मिला, …

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@लेख@ युद्ध नहीं शांति की ओर जाएं

ईरान और इजराइल की टकराव की आग में अब अमेरिका भी खुलकर कूद चुका है। अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो,नतांज और इस्फहान पर इतिहास का सबसे सफल सैन्य हमला किया नॉर्थ्रॉप बी-2 स्पिरिट, जिसे स्टील्थ बॉम्बर के नाम से भी जाना जाता है। एक अमेरिकी भारी रणनीतिक बमवर्षक है,जिसमें कम-अवलोकनीय स्टील्थ तकनीक है जिसे घने विमान-रोधी सुरक्षा …

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@कविता@आओ जानें सरकारी अस्पताल का हाल…

गरीबों को निजी अस्पताल में,ईलाज न कर पाने का हैं मलाल।इस पर होते रहेंगे कई सवाल,आओ करें पहले,सरकारी अस्पताल की जाँच-पड़ताल।।कई सरकारी अस्पताल के,सुविधाएं हैं बहुत बदहाल में।सभी वार्ड में न बेड हैं,जैसे-तैसे होती ईलाज बस एक ही हॉल में।।डॉक्टर-नर्स भर्ती मरीजों को,देखने आते हैं कभी-कभी।ग़रीबी की मजबूरी में,सरकारी अस्पताल आते हैं,वे सभी।।आयुष्मान कार्ड का पैसा, कार्ड में जैसा हैं- …

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@लेख@ बिसारहू झन अपन संस्कार ला…

जीवन हा अपन नोनी किरन ला बड़का शहर मा रखके पढ़ाना चाहत रहय। जीवन के एक ठन सपना रहय की मै हां कालेज के पढ़ाई ला नियमित रूप ले नइ कर पायेव ता का होईश मैं हा अपन बेटी ला अच्छा से जगा अउ अच्छा कालेज में पढ़ा हूं।ये सोच के जीवन हा अपन बेटी किरन ला दिल्ली विश्वविद्यालय मा …

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@लेख@ गले में डंक,दिल में सन्नाटा:मधुमक्खी से मृत्यु और मानव की नाजुकता

लंदन में उद्योगपति संजय कपंूर की मृत्यु एक मधुमक्खी के डंक से हुई यह घटना एक साधारण प्राणी द्वारा जीवन लीने की असाधारण त्रासदी बन गई। इस अप्रत्याशित मौत ने आधुनिक विज्ञान की सीमाओं, मानव शरीर की नाजुकता और स्वास्थ्य आपात स्थितियों को लेकर समाज की लापरवाही को उजागर किया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि चेतावनी …

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@लेख@ पिछड़ता उच्च शिक्षा का स्तर

देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था उदारीकरण के बाद आगे तो बढ़ी, लेकिन उसी गति से उसमें गुणवत्ता विकसित नहीं हो पाई। उदारीकरण के तीन दशक पूरे हो चुके हैं, मगर इसका लाभ उच्च शिक्षा में केवल कमाई के अवसर के रूप में देखा गया। खास यह भी है कि तकनीकी शिक्षा के लिए आल इंडिया काउंसिल आफ टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीई) …

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@कहानी @ एकता म बल

अब का होही माँ! हमर जंगल के तरिया सुखागे। एसो तो सूरज देवता ह सउॅंहत आगी उगलत हे। नानकुन बरई, जेकर नाँव छम्मू रिहिस; वो ह अपन माँ संग गोठियावत जंगल म किंजरत रहै।हव बेटी बड़ करलई हे। माई छेरी किहिस।माँ! त फेर हमन प्यास म मर जाबो का? छम्मू अपन माँ ले सवाल ऊपर सवाल करत रहै।अओ…! तँय काय …

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@लेख@ धमाकों से दहला तेल अबीब और तेहरान

अमेरिका और इजरायल की इस युती के मानसिक असंतुलनों की सनक ने इजरायल ईरान के युद्ध को जन्म दिया है। इस युद्ध का कोई तात्कालिक कारण नहीं है इस युद्ध के नेपथ्य में इसराइल और ईरान की दशकों की तैयारी रही है। इसराइल और अमेरिका ने ईरान को आतंकवाद का एक बड़ा केंद्र निरूपित किया है और इजरायल ने आरोप …

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@लेख@ भ्रष्टाचार से सभी को होता लाभ

भ्रष्टाचार एक ऐसा जादू है जो हर सरकारी दफ्तर में चुपचाप काम करता है। यह बाहर से बुरा दिखता है, लेकिन अंदर से बहुत काम का होता है। जहाँ नियम-कायदे रेंगते हैं, वहाँ भ्रष्टाचार दौड़ता है। यह अफसरों को थकान से बचाता है,बाबुओं को मुस्कुराने की वजह देता है और आम आदमी को जल्दी काम होने की उम्मीद भी।अब सोचिए,एक …

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