Breaking News

नई दिल्ली@दया याचिका में अत्यधिक देरी से मौत कीसजा का उद्देश्य हो जाएगा विफल : सुप्रीम कोर्ट

Share


नई दिल्ली ,14 अप्रैल 2023 (ए)।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दया याचिका पर फैसला करने में अत्यधिक देरी से मौत की सजा का उद्देश्य विफल हो जाएगा। इसलिए राज्यों व सक्षम अधिकारियों द्वारा दया याचिका पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाए। जस्टिस एम.आर. शाह और सी.टी. रविकुमार ने कहा कि यह सच है कि मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने के दौरान अपराध की गंभीरता एक प्रासंगिक विचार हो सकता है, लेकिन दया याचिकाओं के निपटान में अत्यधिक देरी को भी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलते समय एक प्रासंगिक विचार कहा जा सकता है।अगर अंतिम निष्कर्ष के बाद भी दया याचिका पर फैसला करने में अत्यधिक देरी होती है, तो मौत की सजा का उद्देश्य और उद्देश्य विफल हो जाएगा। इसलिए राज्य सरकारों /या संबंधित अधिकारियों को दया याचिकाओं पर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए, ताकि दोषी को को भी अपने भाग्य का पता चल सके और पीडि़त को भी न्याय मिल सके।
पीठ ने कहा कि जगदीश बनाम मध्य प्रदेश राज्य (2020) में, पांच साल से अधिक समय से लंबित दया याचिका के निपटान में देरी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने का निर्देश दिया, और इस आधार पर मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने के अन्य फैसलों का भी हवाला दिया।
शीर्ष अदालत का आदेश बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर आया।


Share

Check Also

लखनऊ@15 मौतों वाली बिल्डिंग पर बड़ा एक्शन100 पुलिसकर्मियों की निगरानी में ढहाई जा रही इमारत…

Share लखनऊ,25 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित उस कुख्यात …

Leave a Reply