भिलाई ,19 मई 2022(ए)। सीआईएसएफ की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 120बी के तहत अपराध कायम कर लिया है. घटना का खुलासा करते हुए दुर्ग एसपी डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया कि निरीक्षक लोकेश कुमार कुर्रे उतई निवासी ने शिकायत की थी कि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल आरटीसी भिलाई में भर्ती बोर्ड आरक्षक जीडी 2021 की परीक्षा दौरान 18 मई 22 डीकेएस पीएसटी-पीईटी टेस्ट के लिए अभ्यार्थीयों का बायोमेट्रीक टेस्ट कराया गया.
टेस्ट के दौरान आरआरसीके रिजर्व पुलिस बल भोपाल द्वारा उपलब्ध कराए गए फिंगर प्रिंट, फोटो नहीं मिलने पर भर्ती बोर्ड को धोखा देकर चयन प्रक्रिया में शामिल होने की रिपोर्ट तैयार किया गया. घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच में चन्द्रशेखर भंवर श्याम वीर सिंह निषाद, महेन्द्र सिंह, अजित सिंह, दुर्गेश सिंह तोमर, हरीओम को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि इस बड़े फर्जीवाड़े का सूत्रधार मुख्य आरोपी दुर्गेश सिंह तोमर उर्फ ब्रिजेश और हरीओम है.
अभ्यर्थियों से लिए थे 5-5 लाख रुपये
आरोपियों ने बताया कि सीएसआईएफ भर्ती कराने के लिए अभ्यर्थी से 5-5 लाख रुपये नौकरी लगाने के नाम पर लिया था. फर्जी दस्तावेज तैयार कर अलग-अलग व्यक्तियों को परीक्षा के विभिन्न पायदानों में उपस्थित रखकर शासन से धोखाधड़ी करना स्वीकार किया. अभ्यर्थियों को आगरा से किराए के बोलेरो में लेकर आने की बात पुलिस को आरोपियो ने बताया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जब्त किया है. आरोपियों द्वारा अपराध घटित करना स्वीकार करने से विधिवत गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेजों को जब्त कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया है.
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