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अम्बिकापुर@आलोक दुबे की शिकायत पर करोड़ों की जमीन फर्जीवाड़े का मामला दर्ज

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  • मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर कराई गई थी रजिस्ट्री
  • 1962 में मृत नोहर साय के नाम की जमीन बेचने का आरोप,

पांच आरोपी नामजद…भाजपा नेता ने विशेष जांच दल गठित करने की उठाई मांग…

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,06 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। शहर में जमीन फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में कोतवाली पुलिस ने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पार्षद आलोक दुबे की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। मामले में आरोप है कि वर्ष 1962 में मृत हो चुके व्यक्ति के नाम दर्ज भूमि की रजिस्ट्री उसके स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर, कूटरचित दस्तावेज और फर्जी पहचान पत्र के माध्यम से कराई गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार घुटरापारा, अम्बिकापुर स्थित खसरा क्रमांक 356/2, रकबा 0.065 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकॉर्ड में मृतक नोहर साय रजवाड़े के नाम दर्ज थी,जिनकी मृत्यु वर्ष 1962 में हो चुकी थी। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि सितंबर 2025 में मैनपाट निवासी अमर सिंह को नोहर साय बताकर उसकी फर्जी पहचान बनाई गई। आरोप है कि आधार कार्ड में कूटरचना कर मृतक के नाम से पहचान पत्र तैयार किया गया और उसी के आधार पर पंजीयन कार्यालय में विक्रय विलेख निष्पादित कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि भूमि की पहली रजिस्ट्री के बाद मार्च 2026 में उक्त जमीन लगभग 30 लाख रुपये में अन्य लोगों को बेच दी गई। पुलिस का आरोप है कि इस लेन-देन से प्राप्त राशि आरोपियों के बीच बांटी गई और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। कोतवाली पुलिस ने अमर सिंह उर्फ नोहर साय रजवाड़े, पायल पटेल, वर्षा पटेल,रामनिवास गुप्ता उर्फ बोखा तथा बंटी पटेल उर्फ वर्षित पटेल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
आलोक दुबे बोले…यह अकेला मामला नहीं,सैकड़ों जमीनों की हो विशेष जांच : शिकायतकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता आलोक दुबे ने दावा किया कि यह केवल एक भूमि का मामला नहीं है। उनके अनुसार नवागढ़, श्रीगढ़, कांतीप्रकाशपुर, मानिकप्रकाशपुर, लालमाटी, पुरा और दरिमा रोड सहित कई क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ शासकीय एवं निजी भूमि के रिकॉर्ड में कथित कूटरचना कर बड़े पैमाने पर फर्जी रजिस्टि्रयां कराई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकार अभिलेखों में छेड़छाड़ कर करोड़ों रुपये की जमीन का बंदरबांट किया गया है। आलोक दुबे ने कलेक्टर सरगुजा से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि व्यापक जांच कराई जाए तो ऐसे सैकड़ों प्रकरण सामने आ सकते हैं और भूमाफियाओं के संगठित नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।


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