नई दिल्ली,06 अगस्त । हाल ही में वित्त मंत्रालय ने संसद में ‘भुगतान और निपटान प्रणाली (संशोधन) विधेयक, 2027’ पेश किया है। इस बिल में मर्चेंट डिस्काउंट रेट को फिर से लागू करने का प्रस्ताव है, जिसके तहत 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर चार्ज लगाने की बात कही गई है। इस खबर के बाहर आते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे और भ्रम फैलने लगे कि अब आम लोगों को यूपीआई से पेमेंट करने पर अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। लेकिन, सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह 2000 रुपये की लिमिट क्या है और इसका सीधा असर किस पर पड़ेगा। सबसे पहले यह साफ कर लें कि इस नए प्रस्ताव का आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर कोई असर नहीं पडऩे वाला है। अगर आप दूध, सब्जी, राशन, किराने का सामान खरीदते हैं या फिर ऑटो-टैक्सी का किराया चुकाते हैं, तो आपको पहले की तरह कोई चार्ज नहीं देना होगा। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव विशेष रूप से 2000 रुपये से अधिक के ‘मर्चेंट ट्रांजेक्शन’ (व्यापारिक लेन-देन) और बड़े कमर्शियल संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अगर आप अपने किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को 2000 रुपये या उससे ज्यादा की रकम भेजते हैं तो यह पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur