- भाजपा ने एसपी को सौंपा था ज्ञापन,कांग्रेस पर समझौते का दबाव बनाने के लगाए थे आरोप,पुलिस ने बिहार से ट्रांजिट रिमांड पर लिया आरोपी
- देवघर,वासुकीनाथ,पुरी और रांची तक तलाश के बाद पटना में मिली सफलता,मोबाइल बंद कर लगातार बदल रहा था ठिकाना…

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,06 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले के बहुचर्चित नाबालिग आदिवासी बालिका से कथित दुष्कर्म मामले में आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी तरुण कुमार जायसवाल को विशेष पुलिस टीम ने करीब 10 दिनों तक लगातार विभिन्न राज्यों में तलाश करने के बाद बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस अंबिकापुर ला रही है। आरोपी की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है,जब पिछले दो दिनों से यह मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से सुर्खियों में था तथा गिरफ्तारी में देरी को लेकर भाजपा ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
गिरफ्तारी से पहले सड़क से लेकर एसपी कार्यालय तक गूंजा था मामला
आरोपी की गिरफ्तारी से पहले भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा और महिला मोर्चा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था। भाजपा नेताओं ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, पीडि़त परिवार को सुरक्षा तथा मामले को प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि नाबालिग आदिवासी बालिका से जुड़ा यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और आरोपी की गिरफ्तारी में देरी से लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
मोबाइल बंद,राहगीरों के फोन से करता था संपर्क : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लगातार अपना मोबाइल बंद रख रहा था और पहचान छिपाने के लिए लगातार शहर बदल रहा था। वह जरूरत पड़ने पर राह चलते लोगों से मोबाइल लेकर अपने परिचितों से संपर्क करता था,जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। पुलिस टीम ने आरोपी के बैंक खाते फ्रीज कराए,यात्रा संबंधी जानकारी जुटाई, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी निगरानी की और रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस को उसके अलग-अलग राज्यों में छिपे होने के संकेत मिले।
देवघर से पुरी,रांची होते हुए पटना पहुंचा आरोपी : विशेष पुलिस टीम आरोपी की तलाश में झारखंड और ओडिशा के कई शहरों तक पहुंची। पुलिस ने देवघर,वासुकीनाथ,पुरी और रांची में संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लगातार तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना तंत्र के आधार पर आखिरकार आरोपी का लोकेशन बिहार की राजधानी पटना में मिला। इसके बाद पटना पुलिस के सहयोग से आरोपी को हिरासत में लिया गया। उसे स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया, जिसके बाद पुलिस उसे अंबिकापुर लेकर रवाना हुई।
लाइसेंसी 12 बोर बंदूक भी जब्त : पुलिस ने बताया कि आरोपी के नाम से जारी 12 बोर डीबीबीएल लाइसेंसी बंदूक का लाइसेंस निरस्त किए जाने के बाद उसके घर से हथियार और लाइसेंस जब्त कर लिया गया है। मामले में अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं और विवेचना जारी है।
अब आगे क्या? आरोपी को अंबिकापुर लाने के बाद पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी तथ्यों, फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों तथा संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने आरोपी को शरण दी,साक्ष्य छिपाने में मदद की या न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया, तो उसके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
घटनाक्रम एक नजर में…
– नाबालिग आदिवासी बालिका से कथित दुष्कर्म का मामला दर्ज।
– घटना के बाद आरोपी तरुण जायसवाल फरार हो गया।
– डीआईजी-एसएसपी ने दो विशेष टीमों का गठन कर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।
– भाजपा ने गिरफ्तारी में देरी पर एसपी को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया।
– पीडि़त परिवार पर समझौते का दबाव बनाने के आरोप भी सामने आए।
– पुलिस ने 10 दिन तक कई राज्यों में तलाश के बाद आरोपी को पटना से गिरफ्तार किया।
– ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को अंबिकापुर लाया जा रहा है।
पीडि़त परिवार पर दबाव बनाने के लगाए गए थे आरोप
भाजपा जिला महामंत्री विनोद हर्ष ने आरोप लगाया था कि आरोपी पक्ष के लोग लगातार पीडि़त परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के परसा मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच विवेक पैकरा तथा उनके परिवार के कुछ सदस्यों पर कथित रूप से आर्थिक प्रलोभन देकर समझौते का प्रयास करने का आरोप लगाया था। भाजपा ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की थी। अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष बिंदेश्वरी पैकरा ने कहा था कि आरोपी प्रभावशाली होने के कारण अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सकता है,इसलिए उसकी शीघ्र गिरफ्तारी आवश्यक है। वहीं महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शुभांगी बिहाड़े ने ग्राम भफौली पहुंचकर पीडि़त परिवार से मुलाकात के बाद कहा था कि महिला मोर्चा पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
एसएसपी ने बनाई थीं दो विशेष टीमें,घोषित किया था इनाम
पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 504/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराओं 4 एवं 6 के तहत मामला दर्ज है। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार था। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले व्यक्ति के लिए 5 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी।
भाजपा विधि प्रकोष्ठ का फैसला : आरोपी की पैरवी नहीं करेंगे अधिवक्ता
नाबालिग आदिवासी बालिका से कथित दुष्कर्म के मामले में भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि प्रकोष्ठ से जुड़े अधिवक्ता आरोपी की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करेंगे। प्रकोष्ठ का कहना है कि यह फैसला मामले की गंभीरता,पीडि़ता को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता और आदिवासी समाज की गरिमा के सम्मान को ध्यान में रखकर लिया गया है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने कहा कि नाबालिग आदिवासी बच्ची के साथ यौन शोषण की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। ऐसे मामलों में संगठन पीडि़ता और उसके परिवार के साथ खड़ा है तथा दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाने की दिशा में हरसंभव प्रयास का समर्थन करेगा। प्रकोष्ठ ने कहा कि न्याय की स्थापना और पीडि़त पक्ष के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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