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अंबिकापुर@17 दिन बाद फिर अंबिकापुर पहुंची झारखंड पुलिस, उम्रकैद के फरार गैंगस्टर साबिर आलम को भगाने वालों पर शिकंजा

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  • साबिर आलम फरारी कांड में नया मोड़ : झारखंड पुलिस फिर अंबिकापुर पहुंची,भगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू…
  • एक बार फिर लौटी धनबाद पुलिस…अब फरार गैंगस्टर के स्थानीय नेटवर्क की होगी परत-दर-परत जांच…
  • गैंगस्टर साबिर आलम को भगाने वालों पर अब कानूनी शिकंजा,झारखंड पुलिस ने कोतवाली में दी लिखित शिकायत…
  • पहले गैंगस्टर फरार, फिर संरक्षण देने वाला भी गायब…अब झारखंड पुलिस ने तेज की कानूनी कार्रवाई…
  • क्या अब खुलेगा साबिर आलम का पूरा नेटवर्क? 17 दिन बाद फिर अंबिकापुर पहुंची झारखंड पुलिस
  • साबिर आलम फरारी कांडः बैदुल खान के बाद अब पूरे संरक्षण नेटवर्क पर कार्रवाई की तैयारी…
  • अंबिकापुर में गैंगस्टर फरारी का मामला गरमाया, झारखंड पुलिस ने फिर दी दस्तक, कई और नाम जांच के घेरे में…
  • 29 जून की फरारी के बाद पहली बड़ी कार्रवाई, धनबाद पुलिस ने कोतवाली में दिया आवेदन, बैदुल खान पहले से फरार,अब सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में…


-संवाददाता-
अंबिकापुर,15 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर एवं दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा प्राप्त फरार आरोपी साबिर उर्फ शब्बीर आलम प्रकरण में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, घटना के 17 दिन बाद झारखंड के धनबाद से पुलिस की टीम एक बार फिर अंबिकापुर पहुंची और सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत देकर उन लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कराई, जिन पर आरोपी को पुलिस कार्रवाई के दौरान भगाने और संरक्षण देने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार धनबाद पुलिस ने 29 जून को हुई पूरी घटना का विस्तृत ब्यौरा अंबिकापुर पुलिस को सौंपा है, पुलिस टीम ने उन व्यक्तियों के विरुद्ध अपराध दर्ज करने और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है, जिनकी भूमिका आरोपी को फरार कराने में सामने आ रही है, इस मामले में पहले ही 6 जुलाई को अंबिकापुर पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 454/2026 दर्ज किया जा चुका है,जिसमें राजहंस बस संचालक बैदुल खान एवं अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 249 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से बैदुल खान भी फरार बताया जा रहा है, पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि साबिर (शब्बीर) आलम के भाई जावेद आलम की पत्नी,बैदुल खान की बहन है, पुलिस इसी रिश्तेदारी को आरोपी को संरक्षण मिलने के महत्वपूर्ण कारणों में से एक मानकर जांच कर रही है,आरोप है कि इसी पारिवारिक संबंध का लाभ उठाकर साबिर लंबे समय तक अंबिकापुर के मोमिनपुरा क्षेत्र में छिपकर रह रहा था।
29 जून को क्या हुआ था?- जानकारी के अनुसार 29 जून 2026 की शाम लगभग 5 बजे धनबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि वासेपुर का सजायाफ्ता गैंगस्टर साबिर आलम अंबिकापुर में मौजूद है,सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस की टीम गोपनीय कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ने पहुंची, बताया जाता है कि पुलिस ने आरोपी को अपनी गिरफ्त में ले भी लिया था,लेकिन इसी दौरान उसके परिजन और कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंच गए,पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर साबिर आलम और उसका साथी जावेद आलम मौके से फरार हो गए, इसी घटना के बाद पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा बटोरी और यह सवाल उठा कि आखिर एक आजीवन कारावास का सजायाफ्ता अपराधी वर्षों तक अंबिकापुर में कैसे छिपा रहा और पुलिस कार्रवाई के दौरान भी कैसे भाग निकला।
अब दो-दो फरार,पुलिस के सामने बड़ी चुनौती- स्थिति अब यह है कि सजायाफ्ता गैंगस्टर साबिर आलम फरार है,उसे संरक्षण देने और उसके विरुद्ध दर्ज एफआईआर के मुख्य आरोपी बैदुल खान भी फरार है,ऐसे में पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर उम्रकैद के दोषी गैंगस्टर को गिरफ्तार करना और दूसरी ओर उसे संरक्षण देने वाले पूरे नेटवर्क का खुलासा करना, शहर में यह चर्चा भी तेज है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद आरोपी और उसे भगाने वाले दोनों पुलिस की गिरफ्त में होते, अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस केवल अपराध दर्ज कर औपचारिकता पूरी करेगी या फिर फरार आरोपियों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी।
धनबाद पुलिस की मौजूदगी से जांच में तेजी की उम्मीद…
बुधवार को धनबाद पुलिस के दोबारा अंबिकापुर पहुंचने के बाद यह माना जा रहा है कि अब जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगी,दोनों राज्यों की पुलिस उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान,तकनीकी साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कडि़यां जोड़ने में जुट गई है,खबर लिखे जाने तक धनबाद पुलिस की टीम अंबिकापुर सिटी कोतवाली में मौजूद थी और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी थी, पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है,जैसे ही आगे की कार्रवाई और नए तथ्य सामने आएंगे, उनका भी प्रकाशन किया जाएगा।


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