महिलाओं को सपा-कांग्रेस ने धोखा दिया…परिवारवाद में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हैं,मैं आरक्षण दिलाकर रहूंगा : पीएम मोदी
वाराणसी,28 अप्रैल 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 6332 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस से पुणे (हडपसर) और अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को काशी में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने कहा, 40 साल से महिला आरक्षण लटका था। हमने 2023 में नारी शक्ति अभिनंदन पारित किया। ये कानून लागू हो,इसके लिए चर्चा रखी। सपा, कांग्रेस, टीएमसी,डीएमके जैसी पार्टियों को देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 साल से महिला आरक्षण पर ब्रेक लगा दिया। सपा ने फिर से इसे लाल झंडी दिखा दी। असली बात यह है कि ये सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हैं। ये परिवारवादी डर, देश की बेटियों को विधानसभा ससंद नहीं आने देना चाहता है। पीएम मोदी ने कहा…मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं कि आपके आरक्षण का हक लागू हो, इसमें कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडूंगा।
परिवारवादी पार्टियां देश की बेटियों को संसद-विधानसभाओं में नहीं आने देना चाहतीं
पीएम मोदी ने कहा…बेटियों के लिए थल-वायु और नभ सेना में नए अवसर मिले हैं। डिफेंस के दरवाजे भी बेटियों के लिए खोले हैं। भाजपा सरकार का मतलब ही यही है नारी का उत्थान। हर मोर्चे पर भारत की बेटियां अच्छा काम कर रही हैं। बेटियों की भूमिका बढ़नी चाहिए। देश को इसकी जरूरत है। देश की नई संसद बनाने के पीछे भी बहनों की भागीदारी का विचार था। 40 साल से महिला का आरक्षण लटका था। हमने 2023 में नारी शक्ति अभिनंदन पारित किया। ये कानून लागू हो, इसके लिए चर्चा रखी। सपा,कांग्रेस,टीएमसी,डीएमके जैसी पार्टियों को देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 साल से महिला आरक्षण पर ब्रेक लगाया था। सपा ने फिर से इसे लाल झंडी दिखा दी है। असली बात यह है कि ये सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हैं। आप सभी से डरे हैं। ये परिवारवादी डर,देश की बेटियों को विधानसभा-ससंद नहीं आने देना चाहते हैं।
यूपी में सपा सरकार थी,बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था : पीएम मोदी ने कहा- साथियों, कमाई, पढ़ाई और दवाई के साथ पहली बार प्रॉपर्टी रजिस्ट्री हुई है। आज हमार माई बहन सही में अपनी घर की मलकिन बनत हैं। आपने यहां यूपी में आंखों के सामने हालात बदलते देखे हैं। जब यहां सपा की सरकार थी,बेटियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। आज बेटियों के बारे में गलत सोच रखने वाला अच्छे से जानता है उसका अंजाम क्या होगा।
महिलाओं से पूछा नहीं जाता, सीधे फरमान सुना दिया जाता थाःपीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा…काशी की बहनों ने भी मुश्किलों और चुनौतियों का सामना किया है। बेटियों को अक्सर सवालों के जवाब से गुजरना मिलता था। तू का करबो,तोहे का जरूरत है। तू चुप रह। ऐ काम तुमसे न हो पाई। कई बार तो सवाल भी नहीं पूछे जाते थे,सीधे फरमान सुनाया जाता था। ये तुम्हारे बस का काम नहीं है। ऐसा सिर्फ काशी के लिए नहीं,देश की अधिकता बहन-बेटियों के ऐसे ही अनुभव रहे हैं। इसे सहज मान लिया जाता था। पीएम ने कहा, मैं जब 25 साल पहले गुजरात में सीएम बना था तो वहां ऐसी धारणाओं को तोड़ने का काम किया। वहां दो योजनाएं शुरू की। पहली स्कूल के लिए, दूसरी और उनकी फीस की मदद के लिए।
पीएम मोदी ने सिक्किम में खेला फुटबॉल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार थम जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिक्किम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। मंगलवार सुबह गंगटोक में उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला,जब वे युवा खिलाडि़यों के बीच फुटबॉल मैदान में उतरे और उनके साथ खेलते नजर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ फुटबॉल खेला, बल्कि गोल करने के बाद साथी खिलाडि़यों के साथ सेलिब्रेशन भी किया। इस दौरान की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा कि ‘सिक्किम में अपने युवा मित्रों के साथ गंगटोक की सुहानी सुबह में फुटबॉल खेलने जैसा कुछ नहीं। ‘ सिक्किम के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी फुटबॉल अत्यंत लोकप्रिय खेल है। विशेषकर कोलकाता जैसे शहर को भारत में क्लब फुटबॉल का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां जमीनी स्तर तक फुटबॉल क्लब सक्रिय हैं। विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री का फुटबॉल मैदान में उतरना और युवाओं के साथ खेलना, बंगाल के मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। फुटबॉल विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों के दौरान पश्चिम बंगाल में लोगों का उत्साह देखते ही बनता है, और कई बार सड़कों पर यातायात तक प्रभावित हो जाता है। ऐसे में इस खेल के माध्यम से जुड़ाव बनाना एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।
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